बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों की जांच शुरू, मंदिर समिति ने बनाई जांच समिति

Probe initiated into allegations of irregularities regarding offerings at Badrinath Dham; temple committee forms inquiry panel.चिरौरी न्यूज

नईदिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) भी आरोपों के घेरे में आ गई है। बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित अनियमितता के आरोप सामने आने के बाद मंदिर समिति ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।

बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि आरोपों की निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच के लिए एक जांच समिति गठित की जा रही है। साथ ही, चढ़ावे की गिनती से जुड़े कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे और दान राशि के कथित दुरुपयोग के आरोप तेजी से वायरल हो रहे हैं। मंदिर समिति ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए उसने शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।

शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई

यह मामला तब सामने आया जब हिंदू संगठन भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने 3 जुलाई को बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रंगड़ को शिकायत पत्र भेजा। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित रूप से चोरी हुई है।

शिकायत में यह भी दावा किया गया कि समिति अध्यक्ष के कथित निजी सचिव ने चढ़ावे से रकम निकाल ली। साथ ही पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

सीसीटीवी फुटेज का भी दावा

शिकायत में कहा गया है कि 2 जुलाई की सुबह करीब 8:30 बजे चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। हालांकि, मंदिर समिति ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रंगड़ ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, लेकिन उपलब्ध वीडियो पर्याप्त स्पष्ट नहीं था। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है और औपचारिक जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव अध्यक्ष के समक्ष रखा गया है।

हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों का भी खंडन किया, जिनमें आरोपी को उनका निजी सचिव बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका कोई निजी सचिव नहीं है और जिस कर्मचारी का नाम सामने आ रहा है, वह बद्री-केदार मंदिर समिति का नियमित कर्मचारी है।

मंदिर समिति के अनुसार, बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती तय प्रक्रिया के तहत की जाती है। दान की थैलियां खोले जाने के दौरान सार्वजनिक घोषणा की जाती है। इस प्रक्रिया में बैंक कर्मी, मंदिर समिति के अधिकारी, प्रोटोकॉल अधिकारी और अधिकृत सदस्य मौजूद रहते हैं ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

हाल ही में जारी किए गए थे सख्त निर्देश

गौरतलब है कि 2 जुलाई को ही बीकेटीसी ने अपने अधीन सभी मंदिरों में दान, चढ़ावे और अन्य आय स्रोतों की निगरानी को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। आदेश में दान गिनती केंद्र, कोषागार, लेखा शाखा, अतिथि गृह और पूजा काउंटर पर पूरी पारदर्शिता और सही रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। मंदिर समिति का कहना है कि जांच समिति सभी दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित कर्मचारियों के बयान के आधार पर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की सच्चाई सामने आएगी। यदि किसी कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध या दोषपूर्ण पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानून और समिति के नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *