नाकामी के सबूत: पीएम मोदी की WFH अपील पर राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने, विदेश यात्रा टालने, सोना न खरीदने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जनता से त्याग की अपील दरअसल सरकार की विफलता का प्रमाण है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि प्रधानमंत्री लोगों से सोना न खरीदने, विदेश यात्रा कम करने, पेट्रोल की खपत घटाने, खाद और खाद्य तेल कम इस्तेमाल करने, मेट्रो से सफर करने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये केवल सलाह नहीं हैं, बल्कि सरकार की नाकामी का संकेत हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को “कम्प्रोमाइज्ड” बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपनी गलतियों का बोझ जनता पर डाल रही है।
इससे पहले कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी इन अपीलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये बेहद गंभीर “निर्देश” हैं और सरकार को तुरंत संसद का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष और देश को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना चाहिए। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसे कौन से हालात पैदा हो गए हैं, जिनकी वजह से सरकार को इस तरह की अपीलें करनी पड़ रही हैं।
कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू हुए तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री अब तक भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संकट से निपटने के लिए ठोस तैयारी करने के बजाय आम नागरिकों को असुविधा झेलने के लिए मजबूर कर रही है।
वेणुगोपाल ने कहा कि यह “शर्मनाक, लापरवाह और अनैतिक” है कि सरकार अर्थव्यवस्था को वैश्विक संकट से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने के बजाय जनता से त्याग की अपील कर रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार की प्राथमिकता केवल चुनाव और राजनीति रह जाए, तो परिणाम आर्थिक संकट के रूप में सामने आता है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार देश में पर्याप्त ईंधन भंडार सुनिश्चित करे ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े।
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में आयोजित एक रैली में लोगों से संयम बरतने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि युद्ध के कारण पेट्रोल, उर्वरक और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है।
प्रधानमंत्री ने लोगों से पेट्रोल और डीजल का कम इस्तेमाल करने, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन अपनाने, कार पूलिंग को बढ़ावा देने और अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने माल ढुलाई के लिए रेलवे का इस्तेमाल बढ़ाने और कोविड काल में प्रचलित हुए वर्क फ्रॉम होम, वर्चुअल मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसे तरीकों को फिर से अपनाने की सलाह दी।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए लोगों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने और विदेश यात्राओं को टालने का आग्रह किया। उन्होंने खाद्य तेल और रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल को कम करने तथा प्राकृतिक खेती और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री और कांग्रेस के बीच यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है और भारत में ईंधन सुरक्षा तथा विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर चिंताएं गहराती जा रही हैं।
