महिला सुरक्षा से शिक्षा तक, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक्शन मोड
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को शपथ लेने के बाद अपने पहले एक महीने में कई बड़े फैसले लेकर विकास, शिक्षा, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है। सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधार लागू करने और जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की है। हालांकि इन योजनाओं की असली सफलता उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
सरकार की सबसे बड़ी घोषणाओं में 10 जिलों में 11 सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की योजना शामिल है। इन टाउनशिप में आधुनिक आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक बाजार, चौड़ी सड़कें, पार्क और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य बढ़ते शहरी दबाव को कम करना और लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
महिला सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने “पुलिस दीदी” योजना शुरू की है। इसके तहत महिला पुलिसकर्मियों को 1,500 स्कूटर दिए जाएंगे, ताकि वे स्कूलों और कॉलेजों के आसपास नियमित गश्त कर सकें और छेड़खानी व महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर रोक लगाई जा सके।
जनता की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए “सहयोग की त्रिवेणी” नामक नई व्यवस्था लागू की गई है। इसमें 1100 हेल्पलाइन नंबर, सहयोग पोर्टल और पंचायत स्तर पर शिकायत शिविरों को जोड़ा गया है। ब्लॉक कार्यालय, थाना और राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है। लापरवाही या देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राज्य कैबिनेट ने जिला स्कूलों के विकास और प्रत्येक प्रखंड में एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मॉडल स्कूल बनाने के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा जिन 208 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां नए कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी गई है।
निजी स्कूलों पर नियंत्रण के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब स्कूलों को अपनी फीस संरचना सार्वजनिक करनी होगी और मनमाने ढंग से फीस नहीं बढ़ाई जा सकेगी। अभिभावकों को किताबें और यूनिफॉर्म अपनी पसंद के विक्रेताओं से खरीदने की स्वतंत्रता होगी। साथ ही फीस बकाया होने पर छात्रों को परीक्षा देने से नहीं रोका जा सकेगा।
स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने नियमों में बदलाव कर 50 करोड़ रुपये तक की सिविल परियोजनाओं में बिहार के ठेकेदारों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय व्यवसायों को फायदा मिलेगा।
भूमि और संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने पेपरलेस ई-रजिस्ट्रेशन प्रणाली शुरू की है। 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को घर बैठे संपत्ति रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी मिलेगी।
कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस को गंभीर अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने का निर्देश दिया है। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
सरकार के पहले महीने में कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा हुई है, लेकिन आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन फैसलों का लाभ आम लोगों तक कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से पहुंचता है। लागूकरण, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी।
