मणिपुर में बम हमले में 2 बच्चों की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन भड़का, पुलिस की गश्त तेज

Protests Erupt in Manipur Following Bomb Attack That Killed Two Children; Police Patrols Intensified
(FIle Photo: Manipur Police)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: बुधवार (8 अप्रैल) को पूरे मणिपुर में तनाव का माहौल रहा। 7 अप्रैल को बिष्णुपुर ज़िले में एक बम हमले में दो नाबालिगों की मौत के बाद घाटी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भड़क उठे। सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ और बाज़ार, शिक्षण संस्थान, बैंक और दफ़्तर बंद रहे। सड़कें सुनसान रहीं, क्योंकि सुरक्षाकर्मियों की सख़्ती के चलते लोग अपने घरों में ही रहे।

धमाकों के बाद, ‘कोऑर्डिनेटिंग कमिटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी’ (COCOMI) ने बुधवार को इम्फाल में एक विरोध रैली निकाली। प्रदर्शनकारी दोपहर करीब 3 बजे वांगखेई एंड्रो पार्किंग इलाके में जमा हुए। उनके हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिनके ज़रिए वे इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह और राज्य के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे।

स्थानीय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, क्योंकि उन पर धमाके के बाद लगाए गए कर्फ्यू के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप था। पुलिस ने रैली को आगे बढ़ने से भी रोक दिया।

मीडिया से बात करते हुए, COCOMI के कार्यकारी सदस्य नाहकपम शांता ने घाटी में हाल ही में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि प्रशासन आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रहा है।

इसके अलावा, शांता ने ‘सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स’ (CRPF) के एक कैंप के पास हुई एक घटना का भी ज़िक्र किया, जिसमें कथित तौर पर सुरक्षाकर्मियों की गोलीबारी में तीन युवकों की जान चली गई थी। उन्होंने इन कथित हत्याओं को शासन-प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद गंभीर खामियों का संकेत बताया।

इम्फाल के अलावा, काकचिंग ज़िले में भी धरने-प्रदर्शन देखने को मिले। यहां ‘केइराक अपुनबा मीरा पाइबी’ संगठन के सदस्यों ने इस हमले की कड़ी निंदा की। साथ ही, उन्होंने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे आम नागरिकों पर CRPF जवानों द्वारा कथित तौर पर बल प्रयोग किए जाने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।

सरकार ने स्थिति की व्यापक समीक्षा की

मणिपुर सरकार ने बुधवार को राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति की व्यापक समीक्षा की। एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, धमाके के बाद उठाए गए विभिन्न कदमों और उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने राज्य सचिवालय में ‘संयुक्त मुख्यालय सुरक्षा’ (Unified Command) की एक बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंददास सिंह, वरिष्ठ अधिकारियों और केंद्र व राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, बैठक में मौजूदा सुरक्षा स्थिति का विस्तृत जायज़ा लिया गया और उभरती चुनौतियों से निपटने तथा जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई। उन्होंने शांति बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

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