भारत टेक्स 2026 में पंजाब ने दिखाई औद्योगिक ताकत, वैश्विक टेक्सटाइल हब बनने की दिशा में बढ़ाए कदम

Punjab showcases industrial prowess at Bharat Tex 2026; moves towards becoming a global textile hub.दिलीप गुहा

नई दिल्ली: भारत के प्रमुख वैश्विक वस्त्र आयोजन भारत टेक्स 2026 में पंजाब गौरवपूर्ण स्टेट पार्टनर के रूप में शामिल हुआ है। 14 से 17 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस मेगा आयोजन में राज्य का विशाल पवेलियन पंजाब की संपूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू चेन और पारंपरिक हस्तशिल्प को वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रदर्शित कर रहा है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब राज्य पवेलियन का उद्घाटन किया। इस मेगा प्रदर्शनी में राज्य की 97 कंपनियां भाग ले रही हैं, जो पंजाब की औद्योगिक क्षमता और वस्त्र क्षेत्र की विविधता को प्रदर्शित कर रही हैं।

इस अवसर पर पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि वर्ष 2022 से अब तक राज्य को ₹75,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि निवेशक-अनुकूल नीतियों, आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना और तकनीकी वस्त्रों (टेक्निकल टेक्सटाइल्स) पर विशेष फोकस के माध्यम से पंजाब वैश्विक टेक्सटाइल हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मीडिया को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा, “पंजाब केवल भारत की टेक्सटाइल विकास गाथा का हिस्सा नहीं है, बल्कि उसका अगला अध्याय लिख रहा है। पिछले चार वर्षों में हमें ₹75,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो हमारी नीतियों पर उद्योग जगत के विश्वास का प्रमाण हैं। हम पारंपरिक मजबूती से आगे बढ़ते हुए तकनीकी नेतृत्व की ओर अग्रसर हैं और पंजाब को भविष्य के लिए तैयार तथा वैश्विक स्तर पर एकीकृत टेक्सटाइल हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ अमन अरोड़ा ने इस वैश्विक मंच का उपयोग निवेशकों को आकर्षित करने, पंजाब की औद्योगिक क्षमताओं को प्रदर्शित करने और टेक्सटाइल क्षेत्र में राज्य की स्थिति को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से नई पहलों को प्रस्तुत करने के लिए किया।

राज्य के निवेश-अनुकूल माहौल पर उन्होंने कहा, “…यहां अत्यंत अनुकूल और सहयोगात्मक वातावरण है तथा उद्योगों के लिए लाभकारी नीतियां लागू हैं। मुझे विश्वास है कि हम अपने निर्धारित लक्ष्यों से आगे निकलेंगे। उद्योगों के लिए यहां जो कुछ भी किया गया है, वह अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह आपके लिए एक बड़ा अवसर है।”

अमन अरोड़ा ने बताया कि पंजाब लंबे समय से भारत के वस्त्र उद्योग का प्रमुख केंद्र रहा है। देश के लगभग 95 प्रतिशत ऊनी निटवियर तथा करीब 65 प्रतिशत होजरी उत्पादन में पंजाब का योगदान है। इसके अलावा मिश्रित सूत (ब्लेंडेड यार्न) के उत्पादन में पंजाब देश में प्रथम स्थान पर है और भारत की कुल स्पिनिंग क्षमता में इसकी 5.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है। राज्य के विनिर्माण सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में टेक्सटाइल एवं परिधान क्षेत्र का योगदान लगभग 14 प्रतिशत है। इस क्षेत्र में 1.46 लाख से अधिक इकाइयां कार्यरत हैं, जो 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करती हैं।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक वस्त्र उद्योग के साथ-साथ वैश्विक उद्योग अब मानव-निर्मित फाइबर (मैन-मेड फाइबर), तकनीकी वस्त्रों और उच्च-प्रदर्शन सामग्री की ओर तेजी से बढ़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं, अवसंरचना, खेल और रक्षा क्षेत्रों में बढ़ती मांग इस परिवर्तन को गति दे रही है।

अमन अरोड़ा ने कहा, “इस परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए पंजाब सबसे उपयुक्त स्थिति में है।” उन्होंने बताया कि राज्य में 100 से अधिक पीपीई निर्माता, कई डीआरडीओ-प्रमाणित इकाइयां तथा मेडिटेक, स्पोर्टटेक, एग्रीटेक और जियोटेक जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकसित होती क्षमताएं मौजूद हैं। इनमें स्वास्थ्य एवं सर्जिकल टेक्सटाइल, जालंधर के खेल उद्योग से जुड़े उच्च-प्रदर्शन वस्त्र तथा कृषि एवं अवसंरचना क्षेत्र में उन्नत तकनीकी अनुप्रयोग शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब में कई स्थापित औद्योगिक क्लस्टर मौजूद हैं। लुधियाना, जिसे “भारत का मैनचेस्टर” कहा जाता है; जालंधर, जो खेल सामग्री के लिए प्रसिद्ध है; अमृतसर, जो ऊनी वस्त्र उद्योग का मजबूत केंद्र है; तथा एसएएस नगर (मोहाली), जो आधुनिक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। ये सभी क्लस्टर कुशल श्रमिकों, मजबूत सप्लाई नेटवर्क और निर्यात-उन्मुख उद्योगों का सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराते हैं।

टेक्सटाइल उद्योग के निवेशकों को पंजाब में निवेश का आमंत्रण देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रतिस्पर्धी नीति ढांचा तैयार किया है। राज्य ने अपैरल एवं टेक्निकल टेक्सटाइल, स्पिनिंग एवं वीविंग तथा डाइंग एवं फिनिशिंग के लिए तीन समर्पित नीतियां अधिसूचित की हैं।

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार स्थायी पूंजी निवेश पर अधिकतम ₹10 करोड़ तक 20 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी, शुद्ध एसजीएसटी का 75 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति, तथा स्थायी पूंजी निवेश का 125 प्रतिशत तक (अधिकतम ₹500 करोड़) प्रोत्साहन जैसी आकर्षक सुविधाएं प्रदान कर रही है।

भारत टेक्स 2026 में पंजाब की रणनीतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के निकट होने, सड़क, रेल और हवाई संपर्क की उत्कृष्ट सुविधा तथा इनलैंड कंटेनर डिपो सहित मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से राज्य को विशेष लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि पंजाब में लगभग ₹5.83 प्रति यूनिट की प्रतिस्पर्धी दर पर विश्वसनीय बिजली उपलब्ध है, साथ ही यहां कुशल एवं औद्योगिक अनुभव से युक्त कार्यबल भी मौजूद है।

व्यवसाय सुगमता (Ease of Doing Business) के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि राइट टू बिजनेस एक्ट के तहत स्व-घोषणा के आधार पर 5 से 45 कार्य दिवसों के भीतर अनुमोदन प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने कहा, “यदि किसी कारणवश निर्धारित समय में मंजूरी नहीं मिलती, तो उसे स्वतः स्वीकृत माना जाता है।” इसके अलावा राज्य सरकार ने सभी स्वीकृतियों को सरल और डिजिटल बनाने के लिए फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल नामक एकल खिड़की (सिंगल विंडो) प्रणाली भी शुरू की है।

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