‘मा इंटी बंगारम’ की 100 करोड़ की सफलता पर भावुक हुईं सामंथा रूथ प्रभु
चिरौरी न्यूज
मुंबई: अभिनेत्री सामंथा रूथ प्रभु की नवीनतम फिल्म ‘मा इंटी बंगारम’ ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर एक नया मुकाम हासिल कर लिया है। फिल्म की इस शानदार सफलता पर सामंथा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। इस खास पल में उनके साथ उनके पति और फिल्म निर्माता राज निदिमोरु भी नजर आए।
वीडियो में सामंथा शांत माहौल में बैठी दिखाई देती हैं। तभी राज उनके पास एक iPad लेकर आते हैं। जैसे ही सामंथा स्क्रीन अनलॉक करती हैं, उनके सामने फिल्म का वह पोस्टर दिखाई देता है, जिसमें ‘मा इंटी बंगारम’ के 100 करोड़ क्लब में शामिल होने की जानकारी होती है। यह देखते ही उनके चेहरे पर मुस्कान खिल उठती है। इस भावुक पल को उनके प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया पर खूब सराहा।
हालांकि सामंथा के लिए यह उपलब्धि केवल बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों तक सीमित नहीं थी। उन्होंने एक लंबा और भावुक नोट लिखकर फिल्म की रिलीज से पहले के अपने मानसिक संघर्ष और अनिश्चितताओं को भी साझा किया।
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उन्होंने बताया कि रिलीज से पहले उनके मन में लगातार कई सवाल उठ रहे थे। क्या लोग फिल्म के बारे में बात कर रहे हैं? क्या प्रमोशनल अभियान सही तरीके से दर्शकों तक पहुंच रहा है? क्या लोगों को यह भी पता है कि ‘मा इंटी बंगारम’ रिलीज होने वाली है?
सामंथा ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि उनके एक दोस्त ने एक बी-सेंटर के एग्जीबिटर से फिल्म की संभावनाओं के बारे में पूछा था। जवाब बेहद निराशाजनक था। एग्जीबिटर ने कहा, “हीरोइन के दम पर बनी फिल्म देखने कौन आएगा? अगर वह किसी बड़े हीरो की फिल्म में होती तो बात अलग थी। लोग उन्हें ग्लैमर के लिए जानते हैं, लेकिन महिला प्रधान फिल्म देखने कोई नहीं आएगा।”
सामंथा ने कहा कि यह जवाब उस सोच को दर्शाता है, जिसका सामना उनकी फिल्म को रिलीज से पहले करना पड़ा। उन्होंने लिखा कि ऐसे पूर्वाग्रहों को बदलना आसान नहीं होता, लेकिन बदलाव की शुरुआत तभी होती है जब कोई जोखिम उठाने का साहस करता है।
उन्होंने लिखा, “असली बदलाव तभी आता है जब कोई जोखिम लेने के लिए तैयार हो। हर जोखिम सफल नहीं होता, लेकिन कभी-कभी वह उम्मीद से कहीं ज्यादा सफल साबित होता है। हमारे मामले में भी ऐसा ही हुआ।”
सामंथा ने उम्मीद जताई कि ‘मा इंटी बंगारम’ की सफलता महिला-प्रधान फिल्मों को लेकर इंडस्ट्री की सोच बदलने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि अगली बार जब कोई एग्जीबिटर किसी महिला-केंद्रित फिल्म के भविष्य के बारे में पूछे, तो उसका जवाब सीधे “नहीं” की बजाय उम्मीद भरा “देखते हैं” हो।
निर्देशक नंदिनी रेड्डी के निर्देशन में बनी ‘मा इंटी बंगारम’ को एक महिला-केंद्रित कमर्शियल एंटरटेनर के रूप में सराहा जा रहा है। फिल्म ने यह साबित किया है कि मजबूत कहानी और दमदार अभिनय के दम पर महिला प्रधान फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं।
‘द फैमिली मैन 2’, ‘यशोदा’ और ‘सिटाडेल: हनी बनी’ जैसी परियोजनाओं के बाद यह फिल्म सामंथा रूथ प्रभु के करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। इसके जरिए उन्होंने एक बार फिर यह साबित किया है कि वह केवल ग्लैमर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दमदार अभिनय और एक्शन-प्रधान भूमिकाओं के जरिए भी दर्शकों का दिल जीतने की क्षमता रखती हैं।
