एकनाथ शिंदे के साथ शरद पवार की मुलाकात ने मचाई हलचल, टीम उद्धव को मीटिंग पर ऐतराज
चिरौरी न्यूज
मुंबई: NCP(SP) के वरिष्ठ नेता शरद पवार और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच हुई एक मुलाकात ने राज्य में राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है। यह अनुभवी नेता बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा पहुंचे थे। वहां वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर एक अहम बैठक में शामिल होने गए थे।
लेकिन जिस बात ने सबका ध्यान खींचा, वह थी विधानसभा में शिंदे के ऑफिस में पवार की उनसे अलग से हुई मुलाकात। शिंदे कैबिनेट की बैठक में शामिल हो रहे थे, लेकिन खबर है कि जब उन्हें पता चला कि पवार उनके ऑफिस में इंतज़ार कर रहे हैं, तो उन्होंने बैठक बीच में ही छोड़ दी। शिंदे ने गुलदस्ता देकर पवार का स्वागत किया और वहां से जाने से पहले वरिष्ठ नेता के साथ 15 मिनट बिताए। पवार शिंदे के ऑफिस में ही रुके रहे और वहीं उपमुख्यमंत्री के ऑफिस में अपनी पार्टी के विधायकों के साथ बैठक की।
हालांकि किसी भी नेता ने यह नहीं बताया कि बैठक में क्या बातचीत हुई, और शिंदे के ऑफिस ने इसे सिर्फ़ एक “शिष्टाचार भेंट” बताया, लेकिन इस मुलाकात के समय ने ज़बरदस्त राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया है।
यह मुलाकात विपक्षी MVA (जिसमें कांग्रेस, NCP (SP) और शिवसेना (UBT) शामिल हैं) के लिए एक नाज़ुक समय पर हुई है। MVA पहले से ही अंदरूनी तनाव से जूझ रहा है, क्योंकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के छह सांसद शिंदे के खेमे में शामिल हो गए हैं।
पवार-शिंदे की मुलाकात ने इन अटकलों को भी बल दिया है कि शरद पवार की पार्टी का एक खेमा NDA में शामिल होने का इच्छुक है। इस मुलाकात की NCP(SP) की सहयोगी पार्टी शिवसेना (UBT) ने कड़ी आलोचना की है। पार्टी नेता संजय राउत ने सवाल उठाया कि पवार ने शिंदे के ऑफिस जाने का फ़ैसला क्यों किया। राउत ने पूछा, “शिंदे से उनके ऑफिस में मिलने की क्या ज़रूरत थी?” उन्होंने कहा कि इस कदम से NCP(SP) की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचेगा।
शिंदे को “गद्दार” बताते हुए राउत ने कहा कि पवार की उनसे मुलाकात से सभी सहयोगियों को दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि MVA के सभी सहयोगियों को एकनाथ शिंदे से दूरी बनाए रखनी चाहिए।
पवार के राजनीतिक कद को मानते हुए राउत ने कहा, “शरद पवार निस्संदेह एक बड़े नेता और बेहद सम्मानित व्यक्ति हैं। हालांकि, जिस गद्दार ने हमारी सरकार गिराई, उसके ऑफिस में पार्टी की बैठक करने से उनके कद को नुकसान पहुंचता है और वह कमज़ोर होता है। एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र को गद्दारी और भ्रष्टाचार से बर्बाद कर दिया है।” शिंदे के ऑफ़िस में अपनी पार्टी के विधायकों से मिलने के पवार के फ़ैसले पर सवाल उठाते हुए UBT सेना के नेता ने पूछा, “क्या विधानसभा में पवार के लिए अपनी पार्टी के नेताओं से मिलने की कोई और जगह नहीं थी?”
“पवार साहब ने मीटिंग के लिए शिंदे का चैंबर क्यों चुना? क्या पूरा विधान भवन खाली पड़ा था?”
