देशभर में मानसून का कहर: कई राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव, जनजीवन अस्त-व्यस्त; केंद्र ने राज्यों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेज़ होने के साथ बुधवार और गुरुवार को कई राज्यों में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। लगातार हो रही बारिश के कारण अचानक बाढ़, भूस्खलन, इमारत गिरने और जलभराव जैसी घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान समेत कई राज्यों में सड़क और रेल यातायात बाधित रहा, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक कई क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
खराब होते मौसम को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सभी राज्यों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी और राहत एवं बचाव कार्यों में पूरा सहयोग दिया जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर में सीजन की सबसे तेज बारिश, कई इलाके जलमग्न
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रातभर हुई तेज बारिश इस मानसून की सबसे भारी बारिशों में शामिल रही। मयूर विहार में 24 घंटे के दौरान 102 मिमी, पूसा में 83 मिमी, लोधी रोड पर 80 मिमी और सफदरजंग में 72.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और यातायात घंटों तक प्रभावित रहा। IMD ने दिल्ली के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी।
सदर बाजार, नासिरपुर, ग्रेटर कैलाश, बदरपुर, तेलीवाड़ा, महावीर बाजार, स्वरूप नगर और कुशक रोड सहित कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। रिंग रोड, आउटर रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर धौला कुआं, महिपालपुर और रजोकरी के पास लंबा जाम लगा रहा।
रोहिणी में एक नवनिर्मित चार मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि इमारत के अंदर प्लंबिंग का कार्य चल रहा था और बीम व कॉलम की ड्रिलिंग या कटाई के कारण ढांचा कमजोर हो सकता है। फिलहाल इस हादसे का बारिश से सीधा संबंध नहीं माना गया है।
दिल्ली फायर सर्विस को कई स्थानों से पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की सूचनाएं मिलीं। हालांकि सरकार ने दावा किया कि इस बार मिंटो ब्रिज और आईटीओ जैसे पारंपरिक जलभराव वाले स्थानों पर पानी जमा नहीं हुआ।
गुरुग्राम में भी बारिश से जनजीवन प्रभावित
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भी भारी बारिश के कारण कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। नरसिंहपुर, बसई, उमंग भारद्वाज चौक, कादीपुर, सेक्टर-10ए और सोहना रोड के पास दिल्ली-जयपुर हाईवे की सर्विस लेन सहित कई इलाकों में वाहन घंटों तक फंसे रहे।
महाराष्ट्र में कचरे का ढेर ढहा, ट्रेन सेवाएं प्रभावित
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में भारी बारिश के बाद कचरे का विशाल ढेर ढह गया। आशंका जताई जा रही है कि इसके नीचे 11 लोग फंसे हो सकते हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
मुंबई में कुछ समय की राहत के बाद दोबारा तेज बारिश और आंधी शुरू हो गई, जिससे उपनगरीय लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं और कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। भोर घाट सेक्शन में भूस्खलन के कारण मुंबई-पुणे रेल मार्ग भी प्रभावित रहा। वहीं वसई-विरार सेक्शन और दक्षिण गुजरात में जलभराव के कारण कई लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से चलीं।
गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए
गुजरात का सूरत शहर लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है। शहर के कई निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। प्रशासन ने हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जबकि पानी से घिरी ऊंची इमारतों में फंसे लोगों तक खाद्य सामग्री पहुंचाई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, राज्य में पिछले कुछ दिनों के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम नौ लोगों की मौत हो चुकी है। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
केरल के वायनाड में राहत कार्य जारी
केरल के वायनाड जिले में सुरंग निर्माण परियोजना स्थल पर बारिश से भीगी खुदाई की गई मिट्टी का ढेर ढहने से पांच लोग लापता हो गए। उनकी तलाश के लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जम्मू-कश्मीर में अचानक बाढ़
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़ आ गई, जिससे कई क्षेत्रों में आपातकालीन हालात पैदा हो गए। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत दलों को तैनात किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से बातचीत कर स्थिति की समीक्षा की और केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
राजस्थान में मानसून सक्रिय, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कोटा जिले के रामगंज मंडी क्षेत्र में सबसे अधिक 10 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों के दौरान राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन को सतर्क रहने और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
IMD की चेतावनी, प्रशासन अलर्ट पर
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
देशभर में मानसून के और अधिक सक्रिय होने के साथ प्रशासन, राष्ट्रीय एवं राज्य आपदा राहत बल, पुलिस और स्थानीय एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। कई राज्यों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं ताकि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
