स्मृति ईरानी ने किया गुलजार को उन्हीं के अंदाज में सलाम

न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: जिन्दिगियों की बारीकियों का चित्र अपने शब्दों से उकेरने वाले शायर गुलजार के दीवाने दुनियां भर में हैं। उनके लिखे गीतों को लोगों की जुबान पर चढ़ने में ज्यादा वक्त नहीं लगता, तभी तो कहा जाता है कि गुलजार अपने समय के सबसे प्रसिद्ध शायर ही नहीं, लोगों की भावनाओं को अपने शब्दों से व्यक्त करने वाला एक गीतकार भी हैं। उनके लिखे गीत लोगों की भावनाओं का सम्प्रेषण है, जिसे शायद ही ऐसा कोई होगा जो कभी न कभी अपनी जिन्दगी में इस्तेमाल न किया हो। गुलज़ार के दीवानों में खास और आम का फर्क नहीं है।

लॉकडाउन के कारण कई सारे लोगों ने अपने अपने तरीके अपना समय बिता रहे हैं । केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी जो कि गुलजार की बहुत बड़ी फैन हैं, ने उन्ही के अंदाज में ट्विटर पर गुलजार के ही कुछ मशहूर गीतों के बोल के साथ अपने मन की बात रखी और इस महान कलमकार की सराहना की।

स्मृति ने लिखा, ‘जिनकी कलम से गिलहरी के झूठे मटर का स्वाद आ जाए मुंह में, जिन्होंने चप्पे चप्पे में चरखा चलवाया शब्दों का, जिनकी एक लकीर पे बडे़ से बड़ा सितारा छैयां छैयां करता हुआ, रेल की रफ्तार की तरह दिल से दिल को छू जाए, उनको सलाम’ क्यूंकि कलाम से कोरोना में भी, जिंदगी कहीं न कहीं गुलजार है।’

स्मृति ने लिखा, ‘ऐसे कई लोग हमारे जीवन में होते हैं जो जाने अनजाने हम पर प्रभाव डालते हैं। उनकी जिंदगी, उनका काम लाखों को प्रेरणा देता है। उनके दिलों को छू जाता है। ऐसे ही एक शख्य से मैंने पूछा, सब खैरियत है सर? उन्होंने लिखा, मैं सालों से गुलजार साहब के काम से प्रेरित होती रही हूं। उनको धन्यवाद क्योंकि इनकी वजह से कोरोना संकट में भी हमारी जिंदगी गुलजार है।’

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