हिमालय के पर्यावरण संरक्षण और साहसिक पर्यटन का वैश्विक संदेश के साथ संपन्न हुई 35वीं हिमालयन 100 माइल स्टेज रेस
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली:
- अमेरिका, ब्रिटेन, चिली, मैक्सिको, यूक्रेन और भारत सहित कई देशों के धावकों ने लिया हिस्सा; डंकन क्रुटेंडेन और एनी विलियम्स बने 100 माइल रेस के चैंपियन
हिमालय की प्राकृतिक धरोहर को बचाने, पर्यावरण संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के संदेश के साथ विश्वविख्यात हिमालयन रन एंड ट्रेक इंटरनेशनल एनुअल इवेंट्स की 35वीं हिमालयन 100 माइल स्टेज रेस का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 29 अक्टूबर से 2 नवंबर, 2026 तक दार्जिलिंग हिमालय में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय साहसिक खेल प्रतियोगिता ने एक बार फिर साबित किया कि खेल केवल शारीरिक क्षमता और प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जिम्मेदार पर्यटन और सांस्कृतिक एकजुटता का सशक्त वैश्विक मंच भी बन सकते हैं।
रेस के संस्थापक एवं निदेशक श्री चंद्रशेखर पांडेय ने कहा, “हिमालयन 100 माइल स्टेज रेस का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि भारतीय हिमालय की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को विश्व समुदाय तक पहुँचाना, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना तथा प्रकृति और पर्यावरण के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाना है। साथ ही, ऐसे आयोजनों के माध्यम से भावी पीढ़ी को प्रेरित कर उनमें बेहतर अवसर तलाशने और आगे बढ़ने की भावना विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।” उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए प्रतिभागियों, पर्यटन मंत्रालय (भारत सरकार), स्थानीय समुदाय, प्रशासन तथा सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विश्व के सबसे पुराने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित साहसिक खेल आयोजनों में शुमार इस प्रतियोगिता के 35वें संस्करण में संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, चिली, मैक्सिको, यूक्रेन, भारत सहित अनेक देशों के साहसिक धावकों ने हिस्सा लिया। माउंट एवरेस्ट और कंचनजंघा की भव्य पर्वतमालाओं की छाया में आयोजित इस प्रतियोगिता का रेस मार्ग दार्जिलिंग हिमालय के मनोहारी पर्वतीय परिदृश्यों, विश्वप्रसिद्ध चाय बागानों, घने जंगलों, दूरस्थ ग्रामीण बस्तियों और दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों से होकर गुजरा। इस दौरान प्रतिभागियों को कठिन शारीरिक चुनौतियों के साथ हिमालय की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति को करीब से अनुभव करने का अवसर मिला।
वर्षों से यह प्रतियोगिता दुनिया की सबसे सुंदर, चुनौतीपूर्ण, दर्शनीय और अभिनव स्टेज रेसों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। पुरस्कार वितरण समारोह के बाद प्रतिभागियों ने रेस क्षेत्र से विदाई ली और इसके साथ ही इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का एक और यादगार अध्याय संपन्न हो गया।
100 माइल स्टेज रेस के पुरुष एवं महिला वर्ग के विजेता
हिमालयन 100 माइल स्टेज रेस के पुरुष वर्ग में यूनाइटेड किंगडम के डंकन क्रुटेंडेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 24 घंटे 44 मिनट में रेस पूरी कर प्रथम स्थान हासिल किया। उन्हें प्रतियोगिता के समग्र विजेता को प्रदान किया जाने वाला प्रतिष्ठित संत नाबपाल बाबा स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया।
चिली के जूलियो डोसाल ने 28 घंटे 44 मिनट के समय के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि भारत के कर्नल मनदीप मान 29 घंटे 10 मिनट में रेस पूरी कर तीसरे स्थान पर रहे।
महिला वर्ग में अमेरिका की एनी विलियम्स ने 32 घंटे 20 मिनट के कुल समय के साथ पहला स्थान हासिल किया। भारत की शारदा कुलकर्णी 32 घंटे 50 मिनट के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि यूनाइटेड किंगडम की स्नूड फेमफोर्ट ने 34 घंटे 58 मिनट में रेस पूरी कर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
100 किलोमीटर स्टेज रेस के विजेता
हिमालयन 100 किलोमीटर स्टेज रेस के पुरुष वर्ग में भारत के रमनजीत ओबेरॉय ने 17 घंटे 33 मिनट के समय के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। चिली के क्रिस्टियन सिवेवकिंग 18 घंटे 40 मिनट के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि भारत के कर्नल के. थम्मैया उडुपा ने 18 घंटे 59 मिनट में रेस पूरी कर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
महिला वर्ग में मैक्सिको की नाहिला हर्नांडेज़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 घंटे 48 मिनट में रेस पूरी कर पहला स्थान हासिल किया। मैक्सिको की ही मेत्ज़ेटली इटुबे 15 घंटे 50 मिनट के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि चिली की कारोला क्रूज़ ने 16 घंटे 36 मिनट के समय के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।
विशेष पुरस्कारों से भी प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित
प्रतियोगिता के दौरान विशेष उपलब्धियों के लिए भी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ पुरुष प्रतिभागी और वरिष्ठ महिला प्रतिभागी की ट्रॉफियां क्रमशः क्रिस्टियन सिवेवकिंग और पुष्पा राव को प्रदान की गईं।
वहीं, सबसे कम आयु के प्रतिभागी का पुरस्कार 25 वर्षीय मैत्री मनराल को दिया गया। उन्होंने अपने उत्साह, साहस और दृढ़ संकल्प से अन्य प्रतिभागियों को प्रेरित किया।
पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार साहसिक पर्यटन का अंतरराष्ट्रीय अभियान
हिमालयन 100 माइल स्टेज रेस महज एक खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। यह भारतीय हिमालय के पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन और जिम्मेदार साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला एक अनूठा अंतरराष्ट्रीय अभियान है।
विश्वभर में आयोजित होने वाली अनेक अल्ट्रा और पर्वतीय दौड़ों के बीच हिमालयन 100 माइल स्टेज रेस अपनी ऐतिहासिक विरासत, चुनौतीपूर्ण रेस मार्ग, हिमालयी संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के कारण अलग पहचान रखती है। 35 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के साथ यह आयोजन आज भारतीय साहसिक खेलों का महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुका है। साथ ही, भारतीय हिमालय को वैश्विक साहसिक खेल मानचित्र पर प्रतिष्ठित करने में निरंतर योगदान दे रहा है।
इस प्रतियोगिता से प्रेरित होकर भारत के अनेक राज्यों में अल्ट्रा रेस और स्टेज रेसों का आयोजन किया जा रहा है, जो देश में साहसिक खेलों के बढ़ते विस्तार और लोकप्रियता का प्रमाण है।
फ्लैग-ऑफ और पुरस्कार वितरण समारोह में विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी
रेस के फ्लैग-ऑफ समारोह में जीटीए पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक श्री सूरज प्रधान की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं, पुरस्कार वितरण समारोह में एसएसबी के महानिरीक्षक श्री वंदन सवेना की ओर से एसएसबी के कमांडेंट श्री नवीन कुमार तथा जीटीए पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक श्री सूरज प्रधान विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य संरक्षक अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
भारत और विदेशों से आए प्रतिभागियों ने आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं, चुनौतीपूर्ण रेस मार्ग, पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण और आयोजकों के आत्मीय आतिथ्य की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। प्रतिभागियों ने विशेष रूप से रेस निदेशक श्री सी. एस. पांडेय और उनकी टीम के समर्पण, दूरदृष्टि तथा अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम के प्रयासों के कारण ही यह आयोजन विश्व के सबसे अनूठे और प्रतिष्ठित साहसिक खेल आयोजनों में अपना विशेष स्थान बनाए हुए है।
प्रतिभागी दार्जिलिंग हिमालय की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति आयोजन की प्रतिबद्धता से विशेष रूप से प्रभावित नजर आए। उनके अनुसार, यह प्रतियोगिता केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव है।
35वें संस्करण की शानदार सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हिमालयन रन एंड ट्रेक इंटरनेशनल एनुअल इवेंट्स विश्व की सबसे खूबसूरत, चुनौतीपूर्ण, प्रेरणादायक और पर्यावरण-अनुकूल साहसिक दौड़ों में अग्रणी स्थान रखती है। भारतीय हिमालय की अविस्मरणीय यादें लेकर अपने-अपने देशों को लौटे अनेक प्रतिभागियों ने भविष्य में एक बार फिर इस अद्वितीय अंतरराष्ट्रीय आयोजन में हिस्सा लेने की इच्छा भी व्यक्त की।
