“आयकर देने वालों को मुफ्त बिजली छोड़ देनी चाहिए”: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को आर्थिक रूप से संपन्न और आयकर देने वाले लोगों से अपील की कि वे स्वेच्छा से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ दें और राज्य के विकास में योगदान दें।
यहाँ आयोजित दो दिवसीय ‘पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली सब्सिडी पर सालाना लगभग 23,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जिसमें प्रति परिवार 8,000 से 10,000 रुपये का खर्च आता है।
चौधरी ने बताया कि सरकार सभी आर्थिक वर्गों के उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त बिजली दे रही है। उन्होंने “आर्थिक रूप से संपन्न और आयकर देने वाले लोगों” से आग्रह किया कि वे स्वेच्छा से इस मुफ्त बिजली के लाभ को छोड़ दें और बिहार के विकास में अपना योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र को मजबूत करने और एक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया। लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ बिहार के ऐतिहासिक जुड़ाव को देखते हुए, यह जरूरी है कि युवा इन मूल्यों को संरक्षित करने और मजबूत बनाने में आगे आएं। उपमुख्यमंत्री ने कहा, “लोकतंत्र को मजबूत करने, देश की सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा एक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका है।”
चौधरी ने कहा कि भारत को 1947 में स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संघर्षों के माध्यम से आजादी मिली थी। अब जब देश अपनी आजादी के 80 साल पूरे करने की ओर बढ़ रहा है, तो लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के संकल्प को फिर से दोहराने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए काम कर रहे हैं, जबकि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
1974 के आंदोलन को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उसमें युवाओं ने अहम भूमिका निभाई थी। आज की पीढ़ी – जिसमें ‘जेन जेड’ (Gen Z) और ‘जेन अल्फा’ (Gen Alpha) शामिल हैं – को भी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और ज्ञान प्राप्त करना ही सफलता और समृद्धि की असली नींव है। साथ ही, उन्होंने युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र-निर्माण से जोड़ने के लिए हर साल ‘युवा संसद’ आयोजित करने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सांसद शाम्भवी चौधरी और युवा संसद के संस्थापक सायन कुणाल समेत अन्य लोग शामिल हुए।
