यूनिफॉर्म सिविल कोड अल्पसंख्यक महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा: हिमंत सरमा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमांत बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि समान नागरिक संहिता (UCC) अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं के लिए नया और स्वतंत्र जीवन लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि दशकों से उत्पीड़न झेल रही महिलाओं को इससे सुरक्षा और सामाजिक न्याय मिलेगा।
असम विधानसभा सत्र के तीसरे दिन बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने UCC विधेयक पेश किया है, जो अल्पसंख्यक समुदाय के पुरुषों और महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगा। यह अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में बड़ा कदम है।” उन्होंने आगे कहा कि यदि उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो राज्य में UCC को पूरी तरह लागू किया जाएगा। सरमा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने जनता से किया गया वादा निभाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने विपक्ष से कहा था कि अगर वे हमें रोक सकते हैं तो रोक लें, अन्यथा हम पहले ही विधानसभा सत्र में UCC लेकर आएंगे। आज हमने अपना वादा पूरा कर दिया है।” सरमा ने दावा किया कि UCC लागू होने के बाद अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाएं सुरक्षित और स्वतंत्र जीवन जी सकेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड और गुजरात के बाद असम UCC लागू करने वाला तीसरा राज्य बनेगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने असम में लागू किए गए Cattle Preservation Act का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के बाद ईद के दौरान राज्य में गायों की कुर्बानी नहीं हुई, जिससे शांति और सौहार्द बना रहा। उन्होंने कहा, “कुछ मुस्लिम संगठनों ने हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए ईद पर गायों की कुर्बानी न देने का फैसला किया। इससे राज्य में भाईचारा और शांति मजबूत हुई है।”
मुख्यमंत्री ने उन लोगों से भी अपील की जो अभी तक इस विषय पर निर्णय नहीं ले पाए हैं कि वे दूसरों से प्रेरणा लेकर इस बार गायों की कुर्बानी से परहेज करें।
