होर्मुज़ में अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमले किए
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेहरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ऊपर अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का आरोप लगाने के बाद, अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर सैन्य हमले किए। इससे दोनों पक्षों के बीच चल रहे तनाव में भारी बढ़ोतरी हुई है।
अमेरिकी सेना के अनुसार, यह ऑपरेशन “ईरान की बिना वजह की आक्रामकता का उचित जवाब” था। एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरान के एक ‘वन-वे अटैक ड्रोन’ (आत्मघाती ड्रोन) ने मार गिराया था। ट्रंप ने कहा कि हेलीकॉप्टर में सवार दोनों अमेरिकी पायलट सुरक्षित बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई, लेकिन उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन इसका जवाब जरूर देगा।
ऑपरेशन के दौरान, एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस (Axios) को बताया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरान के कई एयर डिफेंस और रडार सिस्टम को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों को हेलीकॉप्टर गिराए जाने के जवाब में “आत्मरक्षा” की कार्रवाई बताया।
अमेरिकी सेना ने कहा कि CENTCOM की सेनाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस रडार साइटों पर हमले किए। सेना ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपने हमले पूरे कर लिए हैं।
बुधवार तड़के दक्षिणी ईरान के कई हिस्सों में धमाकों की खबर मिली। ईरान की फार्स (Fars) समाचार एजेंसी ने कहा कि होर्मोज़गन प्रांत के पूर्वी इलाकों में धमाके सुने गए, जबकि मेहर (Mehr) समाचार एजेंसी ने बंदर अब्बास बंदरगाह शहर में धमाकों की खबर दी। ईरान के सरकारी मीडिया ने सिरिक (Sirik) में किसी चीज़ के टकराने की पुष्टि की और बताया कि केशम द्वीप (Qeshm Island) पर भी हमला हुआ है।
रिपोर्टों से पता चलता है कि अमेरिकी ऑपरेशन उस रणनीतिक जलमार्ग के पास कई जगहों पर फैला हुआ था, जहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल की सप्लाई करता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हेलीकॉप्टर की घटना पर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन चेतावनी दी कि ईरान के पास काम कर रही विदेशी सैन्य ताकतों को दुर्घटनाओं, गलत अनुमानों या गोलीबारी की चपेट में आने का लगातार खतरा बना रहता है।
अराघची ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “खतरा कम करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि वे यहां से चले जाएं।”
