यूएस ओपन में कमाल: दो सेट से पिछड़कर फ्रांसेस टियाफो की शानदार वापसी, हार के बाद रो पड़े एलेक्स माइकेल्सन को लगाया गले

चिरौरी न्यूज
न्यूयॉर्क: अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी फ्रांसेस टियाफो ने US Open में शानदार जज्बे का परिचय देते हुए हमवतन एलेक्स माइकेल्सन के खिलाफ दो सेट से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी की। करीब 4 घंटे 40 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में 11वीं वरीयता प्राप्त टियाफो ने 5-7, 3-6, 7-5, 6-3, 7-6(6) से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बना ली। हालांकि, इस मुकाबले के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने मैच के स्कोर से भी ज्यादा सुर्खियां बटोरीं।
हार के बाद रो पड़े माइकेल्सन
निर्णायक सेट के टाईब्रेक में हारने के बाद 22 वर्षीय माइकेल्सन अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और कोर्ट पर ही फूट-फूटकर रोने लगे। दूसरी ओर जीत का जश्न मना रहे टियाफो की नजर जब अपने युवा हमवतन पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत अपना रैकेट नीचे रख दिया। टियाफो ने जश्न बीच में ही रोक दिया और कोर्ट के दूसरी तरफ जाकर माइकेल्सन को गले लगा लिया। दोनों काफी देर तक एक-दूसरे से लिपटे रहे। टियाफो ने कुछ शब्द कहकर माइकेल्सन को सांत्वना दी।
इस भावुक पल की तस्वीरें और वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। माइकेल्सन ने मैच के बाद कहा, “मुझे नहीं लगता कि उस पल कोई और मुझे रुला सकता था। फ्रांसेस बहुत अच्छे इंसान हैं। उन्होंने मुझसे कुछ व्यक्तिगत बातें कहीं और वे सीधे दिल को छू गईं।”
माइकेल्सन के पास था मैच जीतने का मौका
माइकेल्सन ने मुकाबले की शुरुआत से ही टियाफो पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने शानदार सर्विस करते हुए कुल 21 ऐस लगाए और शुरुआती दो सेट अपने नाम कर लिए। पहले सेट में माइकेल्सन ने 15 विनर्स लगाए, जबकि टियाफो सिर्फ चार विनर्स ही हासिल कर सके। सेट के निर्णायक मौके पर टियाफो की सर्विस ब्रेक कर माइकेल्सन ने 7-5 से पहला सेट जीत लिया।
दूसरे सेट में भी माइकेल्सन ने नेट पर शानदार खेल दिखाया और एक महत्वपूर्ण ब्रेक हासिल कर 6-3 से सेट अपने नाम कर लिया। अब वह अपने करियर की सबसे बड़ी जीत से सिर्फ एक सेट दूर थे। तीसरे सेट की शुरुआत में भी माइकेल्सन ने टियाफो की सर्विस तोड़ दी। एक समय ऐसा लग रहा था कि 22 वर्षीय खिलाड़ी सेमीफाइनल में आसानी से पहुंच जाएगा।
लेकिन जब माइकेल्सन 5-4 पर मैच के लिए सर्व कर रहे थे, तभी दबाव उन पर हावी हो गया। उन्होंने दो डबल फॉल्ट किए, जिससे टियाफो को वापसी का मौका मिल गया। टियाफो ने ब्रेक प्वाइंट हासिल किया और स्कोर 5-5 कर दिया। इसके बाद टियाफो ने अपनी लय पकड़ ली। उन्होंने सेट प्वाइंट पर माइकेल्सन की सर्विस फिर तोड़ी और तीसरा सेट 7-5 से जीत लिया। चौथे सेट में टियाफो ने शुरुआत से ही दबदबा बनाया और लगातार तीन गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया।
निर्णायक सेट में सांसें रोक देने वाला मुकाबला
पांचवें सेट में दोनों खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेला। किसी ने भी दूसरे को आसानी से मौका नहीं दिया। करीब साढ़े चार घंटे की कड़ी जंग के बाद मुकाबला टाईब्रेक तक पहुंचा।
यहां टियाफो ने धैर्य बनाए रखा और 7-6(6) से टाईब्रेक जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ टियाफो ने US Open के सेमीफाइनल में तीसरी बार जगह बना ली। मैच के बाद टियाफो ने माइकेल्सन की भावनाओं को लेकर कहा, “मैं उस पल को समझता हूं।” टियाफो खुद भी इस साल विंबलडन और फ्रेंच ओपन में पांच सेट तक चले मुकाबलों में हार झेल चुके हैं। इसलिए वह अच्छी तरह जानते थे कि ग्रैंड स्लैम के इतने करीब आकर दिल तोड़ देने वाली हार कितनी मुश्किल होती है।
उन्होंने कहा कि दोनों ने एक-दूसरे से कुछ बातें कीं और फिर वह पल वहीं खत्म हो गया।
माइकेल्सन का शानदार ग्रैंड स्लैम अभियान
माइकेल्सन के लिए हार बेहद निराशाजनक रही, लेकिन उन्होंने इस टूर्नामेंट में अपने करियर का सबसे शानदार ग्रैंड स्लैम प्रदर्शन किया। वह पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे और टियाफो को सेमीफाइनल से बाहर करने के बेहद करीब भी पहुंच गए थे।
लेकिन मैच हारने के बाद जिस तरह टियाफो ने अपने हमवतन को सांत्वना दी, उसने खेल भावना की एक शानदार मिसाल पेश की। अब टियाफो की नजर US Open फाइनल पर है। सेमीफाइनल में उनका सामना आठवीं वरीयता प्राप्त बेन शेल्टन या गत चैंपियन कार्लोस अल्काराज में से किसी एक से होगा। स्कोरलाइन टियाफो की जीत याद रखेगी, लेकिन इस मुकाबले की सबसे यादगार तस्वीर शायद वह होगी, जब विजेता टियाफो अपने आंसुओं में डूबे प्रतिद्वंद्वी को गले लगाने के लिए पूरे कोर्ट को पार करते नजर आए।
