पश्चिम बंगाल: अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस पर चुनाव प्रचार में बाधा डालने का लगाया आरोप

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सोमवार को आरोप लगाया कि उनके चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ असामाजिक तत्वों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
मीडिया से बात करते हुए चौधरी ने कहा, “प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कुछ लोग मुझे रोकने की कोशिश कर रहे थे। वहां मौजूद स्थानीय पुलिस ने पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाए, जबकि उन्हें पहले से इस तरह की घटना की आशंका की जानकारी थी।”
राज्य की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जब तक ममता बनर्जी हैं, मैं कभी बीजेपी में नहीं जाऊंगा। असल में बीजेपी को बंगाल में लाने का काम भी ममता बनर्जी ने ही किया था। राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से वह खुद उनकी सबसे बड़ी सहयोगी हैं।”
इस बीच, 4 अप्रैल को पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए बहरामपुर थाने के प्रभारी (IC) के खिलाफ अनुशासनात्मक कदम उठाए और तृणमूल कांग्रेस के चार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।
यह घटना मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर में सामने आई, जहां कांग्रेस उम्मीदवार अधीर चौधरी अपने समर्थकों के साथ प्रचार कर रहे थे। आरोप है कि जैसे ही वह शहर के वार्ड नंबर 19 में पहुंचे, उन्हें तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा बाधाओं का सामना करना पड़ा।
रविवार को कांग्रेस ने 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 284 उम्मीदवारों की सूची जारी की। इस सूची में अधीर रंजन चौधरी और पूर्व सांसद मौसम बेनजीर नूर जैसे प्रमुख नेताओं को टिकट दिया गया है। सूची में 39 महिला उम्मीदवार, 68 अनुसूचित जाति (SC) और 16 अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवार शामिल हैं।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने 2021 विधानसभा चुनाव कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा के साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन कोई सीट नहीं जीत सकी थी। इस बार पार्टी ने सभी 294 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
बता दें कि अधीर रंजन चौधरी 1999 से पांच बार बहरामपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, लेकिन 2024 के चुनाव में उन्हें तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने हराया था।
