आप F-35 बेचने की बात करते हैं, लेकिन उसे देखने तक नहीं देते: एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अमेरिकी कमांडर जनरल से कहा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को F-35 की अमेरिकी सुरक्षा पर मज़ाकिया अंदाज़ में टिप्पणी की। उन्होंने मज़ाक में कहा कि भले ही वॉशिंगटन इसे भारत को बेचना चाहता है, लेकिन अमेरिकी अधिकारी भारतीय अधिकारियों को इस विमान के पास भी नहीं जाने देते।
यह बातचीत जोधपुर में मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज़ ‘तरंग शक्ति-2026’ के समापन समारोह के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई, जहाँ सिंह ने अमेरिकी पैसिफिक एयर फ़ोर्स के कमांडर जनरल केविन श्नाइडर के साथ मंच साझा किया।
इस सवाल के जवाब में कि क्या अमेरिका ने भारत को अपने पांचवीं पीढ़ी के F-35 फाइटर जेट बेचने का कोई आधिकारिक प्रस्ताव दिया है, सिंह ने मज़ाक में कहा, “आपके लोग तो हमें विमान के पास भी नहीं जाने देते, और आप हमें इसे बेचने की बात कर रहे हैं।”
बाद में IAF प्रमुख ने कहा कि उनकी टिप्पणी एक मज़ाक थी और इसे गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसी कई चीज़ें हैं जिन्हें भारत भी अमेरिका के साथ साझा नहीं करता है।
यह टिप्पणी एक ऐसी एक्सरसाइज़ के दौरान की गई जिसमें अमेरिकी स्टील्थ फाइटर ने पहली बार भारतीय धरती पर हिस्सा लिया। ‘तरंग शक्ति’ में पहली बार छह अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II जेट शामिल हुए, जो किसी भारतीय मल्टीनेशनल एयर एक्सरसाइज़ में उनकी पहली मौजूदगी थी।
हालांकि, जब ये विमान प्रदर्शनी में थे, तब भारतीय कर्मियों को इनके कॉकपिट तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। लेकिन, उन्हें इन जेट्स के साथ क्लोज़ फ़ॉर्मेशन में उड़ान भरने की अनुमति ज़रूर दी गई।
F-35 इस एक्सरसाइज़ के मुख्य आकर्षणों में से एक था, जिसमें कई वायु सेनाओं के विमान शामिल हुए थे। इसमें भारतीय वायु सेना के विमानों – जैसे स्वदेशी तेजस, Su-30MKI और राफेल – के साथ-साथ फ्रांसीसी राफेल और UAE के F-16 विमान भी शामिल थे।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत भविष्य की लड़ाकू विमानों की ज़रूरतों का आकलन कर रहा है और साथ ही रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता की अपनी दीर्घकालिक कोशिश के तहत पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान को विकसित करने पर काम कर रहा है।
