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युजवेंद्र चहल ने शराब की लत, तलाक और पैनिक अटैक पर तोड़ी चुप्पी, बोले- क्रिकेट छिनने का डर था

Yuzvendra Chahal breaks his silence on alcohol addiction, divorce, and panic attacks; says he feared losing cricket.
(pic: Twitter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज युजवेंद्र चहल ने अपनी निजी जिंदगी के मुश्किल दौर को लेकर बड़ा खुलासा किया है। मैदान पर अपनी हंसी-मजाक और चुलबुले अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले चहल ने बताया कि तलाक के बाद उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इस दौरान शराब पीने की आदत बढ़ गई और उन्हें एंग्जायटी तथा पैनिक अटैक जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। हालांकि, समय रहते उन्होंने अपनी जिंदगी को संभालने का फैसला किया और रिहैब सेंटर में 26 दिन बिताए।

भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा के साथ हाल ही में एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान चहल ने अपने निजी जीवन, मानसिक स्वास्थ्य और क्रिकेट करियर से जुड़े कई पहलुओं पर खुलकर बात की।

26 दिन रिहैब सेंटर में रहे चहल

बातचीत के दौरान आकाश चोपड़ा ने चहल से पूछा कि निजी जिंदगी में मुश्किलों का सामना करते समय उनके साथ कौन खड़ा था। इस पर चहल ने बताया कि उनके सबसे अच्छे दोस्त और परिवार ने उनका साथ दिया।

जब चोपड़ा ने पूछा कि उन्होंने शराब छोड़ने का फैसला कब किया, तो चहल ने कहा कि काउंटी क्रिकेट के पिछले सीजन के बाद उन्हें एहसास हुआ कि चीजें हद से ज्यादा बढ़ चुकी थीं।

चहल ने बताया, “मैं रिहैब सेंटर में भर्ती हुआ और वहां 26 दिन रहा। अब मुझे पता है कि इन परिस्थितियों को कैसे संभालना है। इस फैसले ने मेरी निजी जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव किया। मेरी परिपक्वता बढ़ी और अब मैं अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से संभाल पाता हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि पिछले आईपीएल सीजन में उन्हें अपना शरीर फिर से 30 साल की उम्र जैसा महसूस हुआ। वह नियमित रूप से जिम, फील्डिंग ड्रिल और ट्रेनिंग कर पा रहे थे।

तलाक के बाद बढ़ गई थी शराब पीने की आदत

चहल ने बताया कि कम उम्र में पार्टियों के दौरान शराब पीना शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि साल 2011 में जब उन्होंने पहली बार आईपीएल खेला, तब दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने उनसे कहा था कि जिंदगी में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

चहल के मुताबिक, तलाक के बाद शराब पीने की आदत हद से ज्यादा बढ़ गई थी और उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। उन्होंने कहा, “मुझे एहसास हुआ कि अगर मैं इसी रास्ते पर चलता रहा, तो उस चीज को ही बर्बाद कर दूंगा जिससे मैं सबसे ज्यादा प्यार करता हूं—क्रिकेट। इसलिए मैंने इसे रोकने का फैसला किया। अब मैं पहले से ज्यादा खुश हूं और बेहतर महसूस कर रहा हूं।”

निजी जिंदगी सार्वजनिक होने से क्रिकेट भी प्रभावित हुआ

चहल ने यह भी बताया कि एक सार्वजनिक हस्ती होने के कारण उनकी निजी जिंदगी की घटनाओं पर लोगों ने खुलकर टिप्पणियां कीं। इससे उन्हें काफी परेशानी हुई और उनके खेल पर भी असर पड़ा। उन्होंने कहा, “मुझे बुरा लगा और काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसका असर मेरे क्रिकेट पर भी हुआ। उस साल मैंने सीमित ओवरों के दो मैच खेले और उसके बाद टी20 नहीं खेला, क्योंकि मेरी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। मैं अपना शत-प्रतिशत नहीं दे पा रहा था और नहीं चाहता था कि मेरी वजह से टीम को नुकसान हो।”

चहल ने बताया कि उन्होंने अनिरुद्ध सर से बात की और कुछ समय के लिए ब्रेक मांगा। उन्होंने उनका पूरा समर्थन किया। चहल ने कहा कि एक समय बाद उन्हें लगा कि वह इस मानसिक बोझ को आखिर कब तक ढोते रहेंगे। इसी दौरान उन्हें एंग्जायटी और पैनिक अटैक आने लगे।

चहल ने अपने पैनिक अटैक के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उस समय उनकी धड़कन तेज हो जाती थी और चेहरे पर भी इसका असर दिखाई देता था। उन्होंने कहा, “पैनिक अटैक के दौरान मेरा चेहरा सिकुड़ने लगता था। मैं बोल भी नहीं पाता था। मेरे होंठ कस जाते थे और एक तरफ खिंच जाते थे। लोगों को देखकर ही पता चल जाता था कि मेरे साथ कुछ ठीक नहीं है। तब पहली बार मुझे एहसास हुआ कि एंग्जायटी कितनी गंभीर हो सकती है।”

उन्होंने कहा कि उन्हें पता था कि सोशल मीडिया पर लोग उनके बारे में तरह-तरह की बातें करेंगे। ऐसे में उन्होंने आईपीएल पर ध्यान केंद्रित करने और नई शुरुआत करने का फैसला किया। चहल के मुताबिक, धीरे-धीरे जब उनकी परेशानी कम हुई, तो उन्होंने बीती बातों को पीछे छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर लोग बातें करते रहेंगे। आप सभी को चुप नहीं करा सकते। इसलिए मैंने नए सिरे से शुरुआत करने का फैसला किया।”

पंजाब किंग्स के भरोसे ने बढ़ाया आत्मविश्वास

चहल ने आईपीएल में पंजाब किंग्स के साथ अपने अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब फ्रेंचाइजी ने उन्हें 18 करोड़ रुपये में खरीदा, तो उन्हें लगा कि टीम ने उन पर बहुत भरोसा जताया है और उन्हें इस भरोसे पर खरा उतरना होगा।

उन्होंने कहा कि कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ 111 रन के लक्ष्य का बचाव करते समय उन्हें एहसास हुआ कि टीम को उनसे बेहतर प्रदर्शन की जरूरत है।

गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। उन्होंने 188 मैचों में 233 विकेट लिए हैं। हालांकि, उनके नाम 72 वनडे मैचों में 121 विकेट और 80 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 96 विकेट होने के बावजूद उन्हें अब तक टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला है।

आईपीएल 2025 में चहल ने 16 विकेट लिए, जबकि 2026 के सीजन में उनके नाम 12 विकेट रहे।

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