प्रवासी मजदूरों के किराया को लेकर दिल्ली, बिहार के मंत्रियों के बीच खीचतान

न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: दिल्ली से बिहार भेजे गए प्रवासी मजदूरों के किराया को लेकर दोनों राज्यों के मंत्रियों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चल पड़ा है। बिहार के मंत्री संजय कुमार झा ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि वो बिना वजह क्रेडिट ले रहें है, वहीं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने बिहार के मंत्री पर आरोप लगाया कि बिहार सरकार इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।

जैन ने कहा है कि  बिहार सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों से किराये का पैसा लेना उचित नहीं है, वे पिछले 2 महीनों से दिल्ली के विभिन्न आश्रय गृहों में रह रहे थे। टिकटों के भुगतान के लिए उन्हें पैसे कहां से आएंगे? ऐसे में दिल्ली सरकार ने इसके लिए भुगतान किया। इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।

बिहार के मंत्री संजय झा ने कहा था कि  दिल्ली के मंत्री ट्वीट कर रहे हैं कि उन्होंने प्रवासी मजदूरों का किराया भुगतान किया, जबकि उनकी सरकार द्वारा बिहार सरकार से धन की प्रतिपूर्ति के लिए पत्र भेजा गया है।  उन्होंने आरोप लगाया है कि एक तरफ आप यह कहते हुए क्रेडिट ले रहे हैं कि आप उन्हें अपने पैसे से वापस भेज रहे हैं और दूसरी तरफ आप बिहार सरकार से पैसे वापस करने के लिए कह रहे हैं।

संजय झा के इस ट्वीट के जवाब में दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने ट्वीट किया है, ‘ये सच है कि दिल्ली सरकार ने बिहार सरकार को चिट्ठी लिखा था। ये भी सच है कि कल दिल्ली सरकार ने 1,200 श्रमिकों का किराया रेलवे को देकर उन्हें मुजफ्फरपुर के लिए रवाना कर दिया। लेकिन ये भी सच है कि बिहार सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।’

दिल्ली सरकार ने सभी राज्य सरकारों को इस मामले में अवगत करा दया था, लेकिन ज्यादातर राज्यों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जिसके कारण दिल्ली की सरकार ने प्रवासी मजदूरों का ट्रेन यात्रा का खर्च उठाने का फैसला किया है। अभी तक कई राज्यों की तरफ से कोई जवाब नहीं आने पर सरकार ने यह फैसला किया है। इसके बाद शुक्रवार को लगभग 1200 श्रमिकों आदि को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से लेकर ट्रेन बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हो गई।

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