अभी ना जाओ छोड़कर… महान गायिका आशा भोसले का निधन, पूरा देश शोक में डूबा
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय संगीत जगत के लिए एक गहरा आघात देने वाली खबर सामने आई है। सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले का रविवार, 12 अप्रैल 2026 को मुंबई में निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं। शनिवार शाम उन्हें सीने में संक्रमण और अत्यधिक थकान के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल के डॉक्टर प्रतीत समदानी ने उनके निधन की पुष्टि की।
इससे पहले उनकी पोती ज़नाई भोसले ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया था कि आशा भोसले की तबीयत खराब है और उनका इलाज जारी है।
8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली जिले के गोअर में जन्मीं आशा भोसले महान शास्त्रीय गायक पंडित दीनानाथ मंगेशकर और उनकी पत्नी शेवंती की पुत्री थीं। पिता के निधन के बाद परिवार कोल्हापुर और फिर मुंबई आ गया, जहां उन्होंने अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ फिल्मों में गायन और अभिनय का सफर शुरू किया।
आशा भोसले ने 1940 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की और जल्द ही हिंदी सिनेमा की सबसे बहुमुखी आवाज़ों में शुमार हो गईं। उन्होंने ग़ज़ल, भजन, शास्त्रीय संगीत, पॉप, लोकगीत, कव्वाली और रवींद्र संगीत जैसे कई विधाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अपने करियर में उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गीत रिकॉर्ड किए।
वह हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग की प्रमुख आवाज़ों में से एक थीं, जिनमें मोहम्मद रफ़ी, किशोर कुमार, मुकेश और मन्ना डे जैसे दिग्गज शामिल थे।
आशा भोसले को वर्ष 2000 में भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जबकि 2008 में उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा गया। उन्होंने सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका के लिए दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीते।
उनके संगीत सफर में विविधता और प्रयोगशीलता साफ झलकती है। उन्होंने ओ.पी. नैय्यर, आर.डी. बर्मन और ए.आर. रहमान जैसे संगीतकारों के साथ मिलकर कई यादगार गीत दिए। “चुरा लिया है तुमने”, “पिया तू अब तो आजा” और “दिल चीज़ क्या है” जैसे गीत आज भी श्रोताओं के दिलों में बसे हुए हैं।
1990 और 2000 के दशक में भी उन्होंने खुद को नए दौर के संगीत के अनुरूप ढाला और इंडीपॉप में भी अपनी पहचान बनाई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ब्रिटिश बैंड कॉर्नरशॉप ने उनके सम्मान में “ब्रिमफुल ऑफ आशा” गीत बनाया, जो यूके चार्ट में शीर्ष पर पहुंचा।
आशा भोसले केवल एक गायिका नहीं, बल्कि एक युग की पहचान थीं। उनका संगीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
सच ही कहा गया है, “दिल अभी भरा नहीं…”
