‘नफरत में समय बर्बाद करने के बजाय ध्यान करें, प्रार्थना करें या फुटबॉल देखें’, आलोचकों पर बरसे FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने 2026 फीफा विश्व कप के बाद टूर्नामेंट को लेकर हो रही आलोचनाओं का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने आलोचकों से कहा कि वे “नफरत करने में समय बर्बाद करने के बजाय ध्यान करें, प्रार्थना करें, मुस्कुराएं, अपने परिवार के साथ समय बिताएं या फुटबॉल मैच देखें।”
सोशल मीडिया पर जारी एक लंबे बयान में इन्फैन्टिनो ने विश्व कप के आयोजन का बचाव करते हुए कहा कि इस टूर्नामेंट को विवादों के बजाय दुनिया भर के लोगों को एकजुट करने वाले आयोजन के रूप में याद किया जाना चाहिए।
विश्व कप के दौरान और उसके बाद मीडिया से दूरी बनाए रखने वाले इन्फैन्टिनो ने कहा कि टूर्नामेंट ने दुनिया भर के अरबों फुटबॉल प्रशंसकों को खुशी दी और यह “मानवता की सबसे बेहतरीन तस्वीर” पेश करने में सफल रहा।
उन्होंने अपने बयान में लिखा, “अगर आपके पास अतिरिक्त समय है, तो उसे नफरत करने में बर्बाद करने के बजाय ध्यान करें, प्रार्थना करें, मुस्कुराएं, अपने प्रियजनों के साथ समय बिताएं या फुटबॉल मैच देखें।”
उन्होंने आगे कहा, “जिन लोगों ने बच्चों, बुजुर्गों और परिवारों को फुटबॉल के जरिए एक साथ आते नहीं देखा, उनसे मुझे अफसोस है कि वे इस खुशी और एकजुटता के एहसास से वंचित रह गए।”
FIFA के फैसलों का किया बचाव
इन्फैन्टिनो ने कहा कि लगातार आलोचनाओं के बावजूद FIFA का पूरा ध्यान दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने पर था। उन्होंने दावा किया कि विश्व कप को दुनिया भर में अरबों लोगों ने देखा और यह टूर्नामेंट सुरक्षित माहौल में आयोजित हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि रेफरिंग या अनुशासनात्मक फैसलों को लेकर उठे कुछ विवाद पूरे आयोजन की सफलता को कम नहीं कर सकते। उनके अनुसार, ऐसे फैसले घरेलू फुटबॉल लीगों में भी सामान्य रूप से स्वीकार किए जाते हैं। हालांकि, फीफा अध्यक्ष की सकारात्मक तस्वीर के विपरीत 2026 विश्व कप कई विवादों से भी घिरा रहा।
टूर्नामेंट के दौरान ईरान, सेनेगल, हैती और आइवरी कोस्ट समेत कई देशों के प्रशंसकों और अधिकारियों को अमेरिका की यात्रा नीतियों के कारण वीजा संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा टिकटों की कीमतों को लेकर भी FIFA की आलोचना हुई और इस मामले में जांच शुरू की गई।
बालोगुन मामले ने बढ़ाया विवाद
विश्व कप के दौरान एक बड़ा विवाद तब सामने आया, जब अमेरिका के स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगाया गया निलंबन प्री-क्वार्टर फाइनल से पहले हटा लिया गया।इस फैसले के बाद राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप लगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से बताया था कि उन्होंने इस मामले को लेकर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो से बातचीत की थी। इसके बाद UEFA, बेल्जियम फुटबॉल महासंघ और कई यूरोपीय सांसदों ने इस फैसले पर सवाल उठाए। वहीं, UEFA अध्यक्ष अलेक्जेंडर चेफेरिन ने फीफा के कामकाज के विरोध में विश्व कप फाइनल का बहिष्कार भी किया।
इन्फैन्टिनो के बयान में टूर्नामेंट के दौरान सामने आए कुछ गंभीर घटनाक्रमों का जिक्र नहीं किया गया। इनमें मेक्सिको सिटी में विश्व कप जश्न के दौरान चार प्रशंसकों की मौत और ईरानी समर्थकों से जुड़े कानूनी विवाद शामिल हैं।
इन मुद्दों पर चुप्पी के बावजूद इन्फैन्टिनो ने दोहराया कि 2026 फीफा विश्व कप का सबसे बड़ा उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को फुटबॉल के माध्यम से जोड़ना था और इसी उपलब्धि के लिए इस टूर्नामेंट को याद किया जाना चाहिए, न कि बाद में उठे विवादों के लिए।
