वैभव सूर्यवंशी जैसा बल्लेबाज पाकिस्तान में क्यों नहीं बन सका? वसीम अकरम ने PSL पर उठाए सवाल

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मौजूदा प्रदर्शन पर पूर्व तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने चिंता जताते हुए घरेलू क्रिकेट और पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अकरम का कहना है कि PSL को शुरू हुए करीब 10 साल हो चुके हैं, लेकिन टूर्नामेंट पाकिस्तान को ऐसा बल्लेबाजी सितारा नहीं दे सका, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना सके।
लाहौर में मीडिया से बातचीत के दौरान अकरम ने कहा कि पाकिस्तान ने PSL के जरिए कुछ अच्छे तेज गेंदबाज जरूर तैयार किए हैं, लेकिन बल्लेबाजी में वैसी प्रतिभा सामने नहीं आई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने वर्षों में PSL ने कितने बड़े बल्लेबाज तैयार किए हैं।
अकरम ने पड़ोसी देश भारत के 14 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान को भी ऐसी बल्लेबाजी प्रतिभा तैयार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान ऐसा बल्लेबाज तैयार करने में सफल होगा, तभी टेस्ट क्रिकेट में सुधार दिखाई देगा।
वसीम अकरम ने पाकिस्तान के टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन को बेहद निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू और विदेशी टेस्ट सीरीज में मिली हार को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए बड़ा चेतावनी संकेत माना जाना चाहिए था, लेकिन इसके बाद भी जरूरी सुधार नहीं किए गए।
अकरम के मुताबिक सफेद गेंद के क्रिकेट में पाकिस्तान अब भी प्रतिस्पर्धी है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट की स्थिति खराब है। उन्होंने टीम में निरंतरता की कमी पर भी सवाल उठाया और कहा कि खिलाड़ी वही रहते हैं, लेकिन उन्हें लगातार अंदर-बाहर किया जाता है।
अकरम ने पाकिस्तान में क्लब क्रिकेट को दोबारा मजबूत करने पर जोर दिया। उनका मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट के लिए असली प्रतिभा क्लब स्तर से आती है।
उन्होंने सुझाव दिया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को कराची और लाहौर में क्लब क्रिकेट के विकास के लिए 100-100 मिलियन पाकिस्तानी रुपये खर्च करने चाहिए। अकरम ने कहा कि अगर टेस्ट क्रिकेट में सुधार चाहिए तो क्लब क्रिकेट को फिर से जीवंत करना जरूरी है।
अकरम ने यह भी कहा कि टीम के कोच के तौर पर वह हों या गैरी कर्स्टन, सिर्फ कोच बदलने से स्थिति में बड़ा बदलाव नहीं आएगा। आखिरकार नए कोच को उन्हीं खिलाड़ियों के साथ काम करना होगा।
उन्होंने PCB के मौजूदा घरेलू ढांचे को कम से कम तीन-चार साल तक लगातार चलाने की वकालत की। अकरम के मुताबिक क्रिकेट में सुधार के लिए धैर्य, सही योजना और निरंतरता जरूरी है।
150 किमी/घंटे की एक गेंद काफी नहीं
पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाजों पर बात करते हुए अकरम ने कहा कि सिर्फ एक गेंद 150 किमी/घंटे की रफ्तार से फेंकना कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। उनके मुताबिक महान तेज गेंदबाज वह है जो पूरे दिन करीब 140 किमी/घंटे की रफ्तार से लगातार गेंदबाजी कर सके।
उन्होंने युवा तेज गेंदबाजों को लेकर जल्दबाजी में बड़े फैसले या आकलन करने से भी बचने की सलाह दी और कहा कि पहले उन्हें पर्याप्त मौके देकर खेलने दिया जाना चाहिए।
शाहीन शाह अफरीदी को अनुभवी गेंदबाज बताते हुए अकरम ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनकी गेंदबाजी की गति क्यों कम हुई है। हालांकि, उनके मुताबिक शाहीन जैसे अनुभवी गेंदबाज को इंग्लैंड दौरे पर होना चाहिए था।
अकरम ने यह भी कहा कि अगर फैसला उनके हाथ में होता तो वह हाल में इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन करने वाले आकिफ जावेद को टीम में शामिल करने के लिए कहते।
कुल मिलाकर, वसीम अकरम की बातों का संदेश साफ है—पाकिस्तान क्रिकेट को सिर्फ कोच या खिलाड़ियों में बदलाव से नहीं, बल्कि क्लब क्रिकेट से लेकर घरेलू ढांचे तक लंबे समय की योजना के साथ सुधारना होगा। खासकर बल्लेबाजी में नई प्रतिभाओं को तैयार करना पाकिस्तान क्रिकेट की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है।
