राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को अपराध बनाने वाला विधेयक पास
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: राज्यसभा ने बुधवार को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को अपराध की श्रेणी में लाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी। राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को सदन में ध्वनि मत से पारित किया गया।
दोपहर बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद जब उपसभापति हरिवंश ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की, उस समय विपक्षी दल नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे थे।
जब विधेयक पर चर्चा शुरू हुई तो विपक्ष का विरोध जारी रहा। इसके बावजूद उपसभापति ने सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई और सदस्यों से चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया। बाद में जब केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले विधेयक पर बोल रहे थे, विपक्षी दलों ने विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
सरकार ने कांग्रेस पर लगाया आरोप
विधेयक पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति के कारण देश के सम्मान और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान कर रही है।
नित्यानंद राय ने कहा कि कई स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए बलिदान देते समय ‘वंदे मातरम्’ को अपने अंतिम शब्दों के रूप में इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् का विरोध कांग्रेस क्यों कर रही है, यह समझ से परे है। देश के युवा इसे देख रहे हैं और जनता इसका जवाब देगी।” उन्होंने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने के लिए वंदे मातरम् जरूरी है।
इस संशोधन विधेयक में देश के राष्ट्रीय प्रतीकों, जिसमें राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान शामिल हैं, के अपमान या अनादर को अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 3 साल तक की जेल की सजा दी जा सकती है।
यह विधेयक 24 जुलाई को राज्यसभा में पेश किया गया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को वही कानूनी संरक्षण देना है जो वर्तमान में राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को प्राप्त है। सरकार का यह कदम ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित हो रहे सालभर के कार्यक्रमों के बीच आया है।
