दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कार्रवाई को लेकर खड़गे ने अमित शाह से माफ़ी मांगने और इस्तीफ़ा देने को कहा

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने दिल्ली में 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई के लिए शाह को जिम्मेदार ठहराया। उच्च सदन में यह मुद्दा उठाते हुए खड़गे ने कहा कि गृह मंत्री को इन घटनाओं के लिए “जिम्मेदारी लेनी चाहिए, माफी मांगनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।”
सरकार पर तीखा हमला करते हुए खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर चुप्पी साधे रखने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार छात्रों की चिंताओं को नजरअंदाज करती रही, तो वे “उन्हें एक बार फिर सबक सिखाएंगे।”
खड़गे ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों पर हुए “अत्याचारों” के लिए अमित शाह सीधे तौर पर जिम्मेदार थे और कहा कि गृह मंत्री जिम्मेदारी से बचते हुए “बंद दरवाजों के पीछे नहीं छिप सकते।” उन्होंने 20 जुलाई की घटनाओं के बारे में “सच” को संसद के सामने न रखने के लिए भी सरकार की आलोचना की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने एक निश्चित समय-सीमा वाले सालाना एकेडमिक कैलेंडर की भी मांग की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रशासनिक देरी या अनिश्चितता के कारण छात्रों की शिक्षा और भविष्य बाधित न हो।
सदन की कार्यवाही के दौरान एक नया राजनीतिक टकराव भी देखने को मिला, जब खड़गे ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोग शिक्षण संस्थानों का नेतृत्व कर रहे हैं और उन्हें हटाने की मांग की।
उनकी इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई। सदन में हंगामेदार दृश्य देखने को मिले, क्योंकि दोनों पक्षों के सदस्यों ने इस मुद्दे पर तीखी बहस की, जिससे कार्यवाही में और व्यवधान पैदा हुआ।
