J&K के कुलगाम में आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के 2 प्रवासी मज़दूरों की मौत

2 migrant workers from Chhattisgarh killed in terror attack in J&K's Kulgam
(File photo/twitter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: शुक्रवार शाम दक्षिण कश्मीर के कुलगाम ज़िले में एक ईंट भट्ठे पर आतंकवादियों की गोलीबारी में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मज़दूरों की मौत हो गई। एक की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि दूसरे ने शनिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने केलम में ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो बाहरी मज़दूरों को निशाना बनाया और फिर वहाँ से भाग गए। मारे गए लोगों की पहचान दीपक और भूपिंदर के तौर पर हुई है, जो दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे।

दीपक की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपिंदर को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) रेफर कर दिया गया, जहाँ शनिवार को उनकी मौत हो गई।

लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी ली है। इस संगठन ने 22 जुलाई को अनंतनाग में एक पुलिस अधिकारी की हत्या वाले ‘शूट-एंड-स्कूट’ हमले और पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी भी ली थी।

हमले के बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुँचे, इलाके की घेराबंदी की और हमलावरों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू किया। यह हमला अनंतनाग शहर में आतंकवादियों द्वारा एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर हत्या किए जाने के दस दिन से भी कम समय में हुआ है।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस आतंकी हमले की निंदा की और कहा कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से बात की है।

सिन्हा ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, “मैं इस कायराना हरकत की कड़ी निंदा करता हूँ। मैंने हमारे सुरक्षा बलों को अपने ऑपरेशन तेज़ करने और आतंकवादियों को खत्म करने का निर्देश दिया है।” उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर ली है और दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

सिन्हा ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के घायल मज़दूर को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुँचाया गया है। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल मज़दूर के जल्द ठीक होने की कामना की।

राजनीतिक दलों ने भी हमले की निंदा की। PDP प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने हमले को “अकल्पनीय रूप से क्रूर” बताया और मज़दूरों की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि वे अपने परिवारों के लिए रोज़ी-रोटी कमाने के लिए ही घर से इतनी दूर आए थे।

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