‘बिहार को अच्छा मुख्यमंत्री दीजिए’, बैंकीपुर उपचुनाव में बढ़त के बीच प्रशांत किशोर का BJP नेतृत्व को संदेश
चिरौरी न्यूज
पटना: बैंकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बढ़त बनाने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय नेतृत्व को सीधा संदेश देते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ विधायक चुनने का नहीं, बल्कि बिहार को बेहतर नेतृत्व देने का है। उन्होंने कहा कि जनता चाहती है कि राज्य को एक ईमानदार, सक्षम और विकास पर काम करने वाला मुख्यमंत्री मिले।
‘यह सिर्फ MLA का चुनाव नहीं’
प्रशांत किशोर ने कहा, “बैंकीपुर की जनता जीती है। जैसा हमने चुनाव प्रचार के दौरान कहा था, यह सिर्फ विधायक बनाने का चुनाव नहीं है। बिहार की जनता BJP के केंद्रीय नेतृत्व को यह संदेश देना चाहती है कि बिहार को एक अच्छा मुख्यमंत्री दीजिए।”
उन्होंने कहा कि बिहार को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो शिक्षा, रोजगार, भ्रष्टाचार और पलायन जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करे। प्रशांत किशोर ने कहा, “बिहार का कोई भी बच्चा 10-15 हजार रुपये की नौकरी के लिए अपना घर-परिवार छोड़कर गुजरात, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, कोयंबटूर, तमिलनाडु या कर्नाटक जाने को मजबूर न हो।”
’30 साल का अंतर 30 दिनों में खत्म हुआ’
जन सुराज प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने महज 30 दिनों में बैंकीपुर में BJP की वर्षों पुरानी राजनीतिक बढ़त को चुनौती दे दी। उन्होंने कहा, “30 साल का अंतर हमने सिर्फ 30 दिनों में भर दिया। यह बेहतर शासन और बच्चों के भविष्य की मांग का परिणाम है।”
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई किसी एक नेता से नहीं बल्कि BJP और NDA की राजनीति से है। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं है। हमारी लड़ाई BJP और NDA से है। मुख्यमंत्री वही बनाएंगे, इसलिए उनसे अपील है कि बिहार को एक अच्छा और सक्षम नेता दें।”
उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो राज्य को आगे ले जा सके। उन्होंने कहा, “अगर आप बिहार का मुख्यमंत्री गलत व्यक्ति को बनाएंगे तो राज्य आगे नहीं बढ़ सकता। अगर किसी कुशवाहा समाज के योग्य व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाना है तो जरूर बनाइए, लेकिन वह ईमानदार और सक्षम होना चाहिए।”
‘बिहार के लोग सिर्फ मजदूरी करने के लिए पैदा नहीं हुए’
प्रशांत किशोर ने बिहार से हो रहे पलायन पर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य के एक करोड़ से अधिक युवा बाहर मजदूरी करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, “अगर सारी सुविधाएं सिर्फ गुजरात को मिलेंगी, तो बिहार के लोग कहां जाएंगे? बिहार के लोग सिर्फ मजदूरी करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं।”
उन्होंने कहा कि अगर वह विधायक बनते हैं तो रातों-रात बदलाव संभव नहीं होगा, लेकिन कुछ महीनों में फर्क जरूर दिखाई देगा। “अगर मैं विधायक बन भी गया तो बैंकीपुर बेंगलुरु नहीं बन जाएगा, लेकिन अगले दो-तीन महीनों में लोग बदलाव जरूर महसूस करेंगे।”
प्रशांत किशोर की पत्नी डॉ. जाह्नवी दास ने भी बैंकीपुर की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा, “मैं दिल से बैंकिपुर की जनता का आभार व्यक्त करती हूं। प्रशांत किशोर ने इस जीत के लिए बहुत मेहनत की है।”
अपने संबोधन के अंत में प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की 13 करोड़ जनता ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा जताया है, इसलिए केंद्र सरकार को बिहार के विकास पर भी उतना ही ध्यान देना चाहिए, जितना गुजरात पर दिया जाता है।
