EAW Global Aqua Expo 2026 में SARNET ने दक्षिण एशिया में वर्षाजल समाधान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया

SARNET prominently showcased rainwater solutions for South Asia at the EAW Global Aqua Expo 2026.दिलीप गुहा

नई दिल्ली:  नई दिल्ली के भारत मंडपम में 6 से 8 अगस्त तक आयोजित EAW Global Aqua Expo 2026 में जल एवं अपशिष्ट जल उपचार, पर्यावरणीय प्रौद्योगिकी और जल अवसंरचना के क्षेत्र में वैश्विक विशेषज्ञता एक मंच पर देखने को मिली। Earth Water Foundation द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन में देश-विदेश की कंपनियों, विशेषज्ञों और तकनीकी पेशेवरों ने भाग लिया।

आयोजन में 250 से अधिक प्रदर्शकों ने अत्याधुनिक जल एवं अपशिष्ट जल उपचार तकनीकों, पर्यावरणीय समाधानों और जल अवसंरचना से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस दौरान 25 से अधिक विशेषज्ञों की भागीदारी वाला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जिसमें जल प्रबंधन और उपचार क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों तथा तकनीकी समाधानों पर चर्चा हुई।

एक्सपो में तकनीकों के लाइव डेमो के साथ-साथ Effluent Treatment Plants (ETPs), Sewage Treatment Plants (STPs) और Zero Liquid Discharge (ZLD) प्रणालियों के डिजाइन, गणना और समस्या-समाधान पर केंद्रित तकनीकी प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए।

आयोजकों के अनुसार, EAW Global Aqua Expo 2026 का उद्देश्य जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन के क्षेत्र में नवीन तकनीकों, विशेषज्ञता और व्यावहारिक समाधानों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना था। आयोजन ने उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञों और जल क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के बीच ज्ञान एवं तकनीकी आदान-प्रदान के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया।

South Asia Rainwater Network (SARNET) ने इस एक्सपो में आधिकारिक Rainwater Harvesting Partner के रूप में भाग लिया। SARNET की शुरुआत 2020 में Lanka Rainwater Harvesting Forum द्वारा दक्षिण एशिया में वर्षाजल संचयन की क्षमता को मजबूत करने और ज्ञान के आदान-प्रदान की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए की गई थी।

सुश्री प्रदन्या ठाकुर, पर्यावरण एवं स्थिरता विशेषज्ञ तथा Shashwat Eco Solutions Foundation की निदेशक, ने भारत में SARNET (South Asia Rainwater Network) के पहले लॉन्च की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका उद्देश्य जल क्षेत्र में काम कर रहे जमीनी स्तर के संगठनों, नवोन्मेषकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए अधिक दृश्यता और अवसर उपलब्ध कराना है।

पर्यावरण और जल क्षेत्र में 30 से अधिक वर्षों के अनुभव वाली सुश्री ठाकुर का मानना है कि जल संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवहार में बदलाव और समुदाय की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। 150 से अधिक वर्षाजल संचयन परियोजनाओं को लागू करने के उनके अनुभव ने इस विश्वास को और मजबूत किया है कि सफल जल प्रबंधन केवल तकनीक और बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लोगों की भागीदारी, जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

सुश्री ठाकुर कहती हैं, “जल क्षेत्र में पिछले तीन दशकों के दौरान मैंने महसूस किया है कि व्यवहार का बहुत अधिक महत्व है। बड़ी कंपनियों के पास पहले से ही ऐसे मंच उपलब्ध हैं, जहां वे अपने कार्यों को प्रदर्शित कर सकती हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाले संगठन, स्थानीय नवोन्मेषक, तकनीकी विशेषज्ञ और जल क्षेत्र में कार्यरत अनेक ‘वॉटर वॉरियर्स’ भी इस अवसर के हकदार हैं कि उन्हें देखा, सुना और पहचाना जाए।”

इसी सोच ने उन्हें SARNET की सदस्य के रूप में SARNET और EAW (Environmental & Water Exhibition) के बीच संबंध को तलाशने और मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि यह प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां जमीनी स्तर की पहल और उभरती हुई प्रौद्योगिकियां उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों और व्यापक दर्शकों से जुड़ सकती हैं।

इस संबंध में उन्होंने कहा, “ऐसे मंच तैयार करने से जमीनी स्तर के नवाचार और व्यापक जल पारिस्थितिकी तंत्र के बीच की दूरी को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, समुदाय स्तर पर काम करने वाले संगठनों को अपने समाधान प्रदर्शित करने, साझेदारियां विकसित करने और अपने प्रभाव को व्यापक स्तर तक पहुंचाने के अवसर मिल सकते हैं।”

उनकी पेशेवर यात्रा 20 से अधिक देशों और 500 से अधिक ग्राहकों तक फैली हुई है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों की नीति समितियों में भी भागीदारी की है। पर्यावरण क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।

SARNET को EAW से जोड़ने के अपने प्रयासों के माध्यम से सुश्री ठाकुर यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि जल क्षेत्र अधिक समावेशी बने—जहां केवल स्थापित कंपनियों को ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के संगठनों, नवोन्मेषकों, तकनीकी विशेषज्ञों और समुदाय-आधारित “वॉटर वॉरियर्स” को भी वह पहचान और मंच मिले, जिसके वे हकदार हैं।

SARNET ने एक समर्पित SARNET Corridor के माध्यम से समुदाय स्तर की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, तकनीकी नवाचारों और वर्षाजल संचयन के व्यावहारिक तरीकों को प्रस्तुत किया। नेटवर्क ने “Turning Rain into Resilience: Building South Asia’s Rainwater Future” विषय पर आधे दिन का ज्ञान-साझाकरण सम्मेलन भी आयोजित किया।

SARNET Corridor का दौरा करने वाले विशिष्ट अतिथियों में डॉ. राज भूषण चौधरी, माननीय राज्य मंत्री, जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन विभाग, भारत सरकार तथा श्री राजीव सिंघल, मुख्य अभियंता, जल शक्ति मंत्रालय शामिल थे।

SARNET सम्मेलन में तीन सत्र आयोजित किए गए, जिनमें नीति, समुदाय स्तर की कार्यप्रणालियों और तकनीकी नवाचारों पर चर्चा हुई।

उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा ने “Catch the Rain—Where It Falls, When It Falls” अभियान के तहत सरकार की प्रमुख पहलों की जानकारी दी। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए नागरिकों, क्षेत्रीय विशेषज्ञों, उद्योगों और सरकारी संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग के महत्व पर जोर दिया।

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