कंगना रनौत और पीयूष मिश्रा का पलटवार, ‘नसीरुद्दीन शाह जैसे लोमड़ी बनने के बजाय देश के लिए कुत्ता बनना पसंद’

Kangana Ranaut and Piyush Mishra hit back: 'Prefer being a dog for the country over becoming a fox like Naseeruddin Shah.'चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: अभिनेता-राजनेता कंगना रनौत ने छात्र आंदोलनों को लेकर अभिनेता नसीरुद्दीन शाह की हालिया टिप्पणी पर तीखा पलटवार किया है। रनौत ने शाह पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘लोमड़ी’ तक कह दिया। उनका यह बयान अभिनेता-गायक पीयूष मिश्रा की उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें उन्होंने झारखंड में जारी छात्र प्रदर्शनों को लेकर नसीरुद्दीन शाह की चुप्पी पर सवाल उठाया था।

रनौत ने इंस्टाग्राम पर पीयूष मिश्रा के बयान से जुड़ी एक रिपोर्ट साझा करते हुए लिखा कि हर कोई किसी न किसी का ‘कुत्ता’ है, लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह जिस देश की रोटी खाती हैं, उसकी रक्षा और उसके लिए संघर्ष करती हैं। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह इस देश की रोटी खाते हैं, लेकिन पड़ोसी देश के लिए लड़ते हैं।

रनौत ने आगे कहा कि इंसान के लिए ‘कुत्ता’ कहलाना भी एक तरह की तारीफ है, क्योंकि वफादारी और मासूमियत दुर्लभ गुण हैं। उन्होंने लिखा, “मैं नसीरुद्दीन जैसे लोमड़ी बनने के बजाय कुत्ता बनना पसंद करूंगी।”

दरअसल, नसीरुद्दीन शाह ने हाल में छात्र आंदोलनों को लेकर कई बड़े फिल्मी सितारों की चुप्पी पर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि जब उनका जमीर उन्हें ऐसा करने के लिए कहेगा, तब वे बोलेंगे। इसी दौरान उन्होंने एक कहावत का हवाला देते हुए कहा था कि मुंह में हड्डी दबाए कुत्ता भौंक नहीं सकता और जब हड्डी मुंह से निकल जाएगी या दांत टूट जाएंगे, तब वह भौंकेगा।

शाह की इसी टिप्पणी पर पीयूष मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि मौजूदा झारखंड छात्र आंदोलन के दौरान वे ‘कुत्ते’ कौन हैं, जिनके मुंह में हड्डियां हैं। मिश्रा पिछले सप्ताह रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे थे।

झारखंड में तीसरे सप्ताह में पहुंचा प्रदर्शन

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारी 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे CBI जांच या सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों की समिति गठित करने की मांग कर रहे हैं।

कई अभ्यर्थियों ने भूख हड़ताल भी शुरू की है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

प्रदर्शनकारियों और झारखंड सरकार के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद गतिरोध दूर नहीं हो सका है। हालांकि, सरकार ने छात्रों की चिंताओं की जांच का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी संवाद और पारदर्शिता पर जोर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *