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‘द ववान’ में छठ पूजा के दृश्य ने छुआ दर्शकों का दिल, शारदा सिन्हा के गीत ने बढ़ाई भावुकता

'Received so much love': Tamannaah Bhatia on fans' reaction to 'The Vvaan's' Chhathi Maiya song.चिरौरी न्यूज

नई  दिल्ली: सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया, श्वेता तिवारी, सुनील ग्रोवर और अनूप सोनी स्टारर फिल्म ‘द ववान: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ को रिलीज के बाद मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। हालांकि, फिल्म का छठ पूजा वाला सीक्वेंस दर्शकों के बीच खास तौर पर भावनात्मक जुड़ाव पैदा कर रहा है। 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन दीपक कुमार मिश्रा ने किया है।

फिल्म में छठ पूजा के रंग, परंपराएं, पूजा की तैयारियां और घाट का माहौल जिस तरह दिखाया गया है, उसकी सोशल मीडिया पर कई दर्शक तारीफ कर रहे हैं। खासतौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले दर्शकों ने इस सीक्वेंस को अपने घर और बचपन की यादों से जोड़कर देखा है।

‘ऐसा लगा जैसे घर लौट आए’

सोशल मीडिया पर एक दर्शक ने छठ के दृश्य की तारीफ करते हुए लिखा कि बड़े पर्दे पर छठ का सीक्वेंस बेहद खूबसूरत लगता है। रंग, संगीत और भावनाएं एक साथ दर्शकों को प्रभावित करते हैं। वहीं, कुछ दर्शकों का कहना है कि फिल्म में बिहार की संस्कृति और खासकर छठ को और विस्तार से दिखाया जा सकता था, लेकिन जिस तरह से त्योहार को पर्दे पर पेश किया गया है, वह प्रभाव छोड़ता है।

छठ के सीक्वेंस से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें एक छोटी बच्ची थिएटर में फिल्म के दौरान हाथ जोड़कर प्रार्थना करती नजर आ रही है। वीडियो शेयर करने वाले दर्शक ने इसे बच्चों तक पहुंचती आस्था और संस्कारों का भावुक पल बताया।

शारदा सिन्हा के गीत ने बढ़ाई भावुकता

फिल्म के छठ पूजा सीक्वेंस की सबसे खास बातों में से एक है दिवंगत लोकगायिका शारदा सिन्हा के लोकप्रिय छठ गीत ‘पहिले-पहिले हम कईनी’ का इस्तेमाल। शारदा सिन्हा की आवाज और उनके छठ गीत बिहार समेत देश-विदेश में बसे भोजपुरी और मैथिली भाषी समुदायों के बीच छठ पर्व की यादों से गहराई से जुड़े रहे हैं।

फिल्म में यह गीत श्वेता तिवारी और अनूप सोनी के किरदारों से जुड़े छठ की तैयारियों वाले दृश्यों के दौरान सुनाई देता है। सिनेमाघर में शारदा सिन्हा की आवाज सुनना कई दर्शकों के लिए भावुक अनुभव बन गया।

एक दर्शक ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “शारदा सिन्हा जी का छठ गीत सिनेमा हॉल में सुनना ही अपने आप में एक अलग फीलिंग थी।” एक अन्य दर्शक ने इसे ‘गूजबंप मोमेंट’ बताते हुए कहा कि गीत ने उन्हें छठ की सुबह, घाट, पूजा और परिवार के साथ बिताए पुराने दिनों की याद दिला दी।

छठ सिर्फ त्योहार नहीं, भावनाओं से जुड़ा पर्व

बिहार और आसपास के क्षेत्रों में छठ पूजा सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि परिवार, आस्था, परंपरा और अपनी मिट्टी से जुड़ी भावनाओं का हिस्सा मानी जाती है। यही वजह है कि ‘द ववान’ के छठ वाले दृश्यों को लेकर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं महज फिल्मी समीक्षा तक सीमित नहीं रहीं।

कई दर्शकों के लिए पर्दे पर दिखाया गया छठ उन्हें अपने घर, परिवार और बचपन की यादों तक ले गया। शारदा सिन्हा की आवाज, पूजा की तैयारियां और छठ के माहौल ने इस भावनात्मक जुड़ाव को और गहरा कर दिया है।

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