सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद इमरान खान से नौ महीने बाद मिलीं बुशरा बीबी और बहन नूरीन
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को करीब नौ महीने के अंतराल के बाद अदियाला जेल में अपनी पत्नी बुशरा बीबी और बहन नूरीन नियाज़ी से मुलाकात की। यह मुलाकात पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा अधिकारियों को उन्हें मेडिकल जांच के लिए इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल ले जाने का आदेश दिए जाने के कुछ ही घंटे बाद हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आने वाले दिनों में इमरान खान को इस्लामाबाद स्थित शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए और विशेषज्ञों तथा उनके निजी डॉक्टरों में से एक, डॉ. फैसल सुल्तान को शामिल करते हुए गठित मेडिकल बोर्ड से उनकी जांच कराई जाए।
तीन जजों की पीठ ने जेल अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि खान को परिवार के सदस्यों से साप्ताहिक मुलाकात की अनुमति दी जाए। इसके अलावा, उन्हें अपने बेटों से टेलीफोन पर बातचीत करने की भी इजाज़त देने का आदेश दिया गया। खान का परिवार पिछले कई महीनों से उनसे मुलाकात और उनकी पसंद के डॉक्टरों से मेडिकल जांच कराने की अनुमति की मांग कर रहा था।
बहन नूरीन ने की करीब 15 मिनट मुलाकात
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कुछ घंटे बाद अधिकारियों ने इमरान खान की बहन नूरीन नियाज़ी को उनसे मिलने की अनुमति दी। इस साल की शुरुआत में अदियाला जेल पर संभावित हमले की खुफिया जानकारी मिलने के बाद जेल में आगंतुकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
जेल सूत्रों के मुताबिक, नूरीन ने इमरान खान से करीब 15 मिनट तक मुलाकात की। उन्होंने उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए ले जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने खान के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली और कुछ लंबित कानूनी मामलों पर उनसे चर्चा की।
मुलाकात के बाद नूरीन ने इमरान से मिलने की पुष्टि की, लेकिन अदालत के सामने दिए गए आश्वासन के मुताबिक उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की। इसके बाद वह अपनी बहनों अलीमा खान और डॉ. उज़्मा खान के साथ अदियाला जेल से रवाना हो गईं।
बुशरा बीबी से भी हुई मुलाकात
जेल सूत्रों ने बताया कि इमरान खान ने अपनी पत्नी बुशरा बीबी से भी मुलाकात की। दोनों की मुलाकात करीब 30 से 35 मिनट तक चली। इससे पहले बुशरा बीबी ने अपनी बेटी मुबाशरा शेख और ननद मेहरुन्निसा से मुलाकात की थी। सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात भी लगभग 30 से 35 मिनट तक चली। नूरीन उन तीन बहनों में शामिल थीं जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अदियाला जेल जाने वाली सड़क पर स्थित डहगल चेकपॉइंट पहुंची थीं। पुलिस ने शुरुआत में अलीमा खान, डॉ. उज़्मा खान और नूरीन को चेकपॉइंट पर रोक दिया था। हालांकि, बाद में केवल नूरीन को जेल की ओर जाने की अनुमति दी गई।
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश इमरान खान की उस याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने रावलपिंडी के पास स्थित हाई-सिक्योरिटी अदियाला जेल से अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने की मांग की थी। उन्होंने अपने निजी डॉक्टरों, परिवार के सदस्यों और वकीलों से मुलाकात की अनुमति दिए जाने की भी मांग की थी।
खान के वकील सलमान अकरम राजा के मुताबिक, अदालत ने यह आदेश इसलिए दिया क्योंकि उनके मुवक्किल की सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संविधान के तहत मेडिकल सुविधा प्राप्त करना उनका अधिकार है।
राजा ने इमरान खान के समर्थकों से भी अपील की कि जब उन्हें अस्पताल ले जाया जाए तो वे अस्पताल के बाहर भीड़ न लगाएं, ताकि वहां इलाज करा रहे अन्य मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो।
आंखों की रोशनी को लेकर भी उठे थे सवाल
इस साल की शुरुआत में इमरान खान को आंखों की समस्या के इलाज के लिए कई बार सरकारी अस्पताल ले जाया गया था। जनवरी के आखिर में उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता उस समय बढ़ गई थी, जब उनके परिवार ने दावा किया था कि उनकी दाईं आंख की करीब 85 प्रतिशत रोशनी चली गई है। हालांकि, सरकार ने इस दावे को गलत बताया था।
बाद में अधिकारियों ने कहा था कि खान की दाईं आंख की करीब 70 प्रतिशत रोशनी वापस आ गई है और उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा आदेश के बाद अब इमरान खान की मेडिकल जांच विशेषज्ञों और उनके निजी डॉक्टर की मौजूदगी में कराए जाने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही, परिवार से नियमित मुलाकात और बेटों से फोन पर बातचीत की अनुमति मिलने से लंबे समय से चली आ रही उनकी पारिवारिक मुलाकातों पर लगी पाबंदियों में भी राहत मिलने की उम्मीद है।
