प्रणित मोरे की ‘सेक्सुअल कॉमेडी’ के बाद अब मधुर विरली के ‘रेप जोक्स’, कॉमेडी के नाम पर संवेदनहीनता पर उठे सवाल

After Pranit More's sexual comedy, now Madhur Virli's 'rape jokes', questions raised about insensitivity in the name of comedy.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: स्टैंड-अप कॉमेडी की दुनिया एक बार फिर विवादों के घेरे में है। पहले कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो में महिलाओं और रिश्तों को लेकर की गई टिप्पणियों पर सवाल उठे थे, वहीं अब कॉमेडियन मधुर विरली अपने एक पुराने वीडियो में बलात्कार जैसे गंभीर अपराध पर किए गए मज़ाक को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में मधुर विरली अपने 2024 के शो ‘लव एंड लेटेक्स’ के दौरान रेप मामलों पर टिप्पणी करते दिखाई देते हैं। वीडियो में बलात्कार और उसके बाद होने वाली हिंसा को लेकर किए गए मज़ाक ने लोगों को झकझोर दिया है। कई सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि जिस अपराध से पीड़ितों की ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल जाती है, उसे मनोरंजन और हंसी का विषय बनाना न सिर्फ असंवेदनशील है बल्कि सामाजिक रूप से भी नुकसानदेह है।

 

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वीडियो में विरली बलात्कार के मामलों को लेकर एक कथित मज़ाक सुनाते हैं, जिसके दौरान दर्शकों की हंसी भी सुनाई देती है। हालांकि सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया बिल्कुल अलग रही। आलोचकों का कहना है कि यह “एजी कॉमेडी” या “डार्क ह्यूमर” नहीं, बल्कि पीड़ितों के दर्द को हल्का करके पेश करने की कोशिश है।

एक यूजर ने लिखा, “यह स्मार्ट लेखन या साहसी कॉमेडी नहीं है। जब मज़ाक के जरिए किसी वर्ग या पीड़ित समुदाय के अनुभवों को सामान्य बना दिया जाता है, तो उसका असर समाज पर पड़ता है।”

एक अन्य यूजर ने दर्शकों की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, “सबसे चौंकाने वाली बात मज़ाक नहीं, बल्कि उस पर हंसने वाले लोग हैं।”

विवाद बढ़ने के बाद मधुर विरली ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सोशल मीडिया पर वीडियो दोबारा वायरल होने के बाद उन्होंने अपने अकाउंट भी निष्क्रिय कर दिए हैं।

पहले भी विवादों में रहा प्रणित मोरे का शो

मधुर विरली को लेकर उठे इस विवाद से पहले कॉमेडियन प्रणित मोरे का शो भी सोशल मीडिया पर तीखी आलोचनाओं का सामना कर चुका है।

एक वायरल वीडियो में मुंबई के केईएम अस्पताल से जुड़ी एमबीबीएस छात्रा सेजल पवार मेडिकल पढ़ाई के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले शवों पर टिप्पणी करती दिखाई दी थीं। वीडियो में शवों के अंगों और पुरुष शवों के जननांगों को लेकर किए गए मज़ाक को कई लोगों ने शरीर दान करने वालों और चिकित्सा शिक्षा की गरिमा के प्रति अपमानजनक बताया। मामले को लेकर जांच भी शुरू की गई।

इसके अलावा, प्रणित मोरे के शो का एक और वीडियो चर्चा में आया, जिसमें दर्शक दीर्घा में मौजूद हिमांशु जांगड़ा अपनी एक डेट का अनुभव साझा करते दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने चिकन बिरयानी पर लगभग 370 रुपये खर्च किए थे और बाद में उस रकम को “वसूल” करने की बात कही। सोशल मीडिया पर इस टिप्पणी को महिलाओं के प्रति अधिकारवादी और सेक्सिस्ट सोच का प्रतीक बताया गया। आलोचकों ने कहा कि किसी पर पैसा खर्च करना किसी भी प्रकार की शारीरिक या भावनात्मक अपेक्षा का अधिकार नहीं देता।

कॉमेडी की सीमा कहां तक?

लगातार सामने आ रहे ऐसे वीडियो ने एक बार फिर उस बहस को हवा दे दी है कि क्या हर विषय को हास्य का हिस्सा बनाया जा सकता है। आलोचकों का मानना है कि बलात्कार, यौन हिंसा, शवों और महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियों को “कॉमेडी” कहकर टाल देना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं, बल्कि संवेदनशील मुद्दों के प्रति गैर-जिम्मेदार रवैया है।

जैसे-जैसे पुराने और नए वीडियो सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे यह सवाल और तेज़ हो रहा है कि मनोरंजन के नाम पर आखिर किस हद तक जाया जा सकता है, और क्या कुछ विषय ऐसे हैं जिन्हें हंसी का माध्यम बनाने से पहले समाज और पीड़ितों के दृष्टिकोण से भी देखा जाना चाहिए।

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