5,000 से ज्यादा आवेदकों में से एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO

Air Marshal (Retired) Jitendra Mishra becomes the first CEO of the Ram Mandir Trust, selected from over 5,000 applicants.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: 5,000 से ज्यादा आवेदकों की लंबी सूची में से एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त किया गया है। भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी मिश्रा के पास करीब चार दशक का सैन्य अनुभव है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमांडिंग पदों पर जिम्मेदारी संभाली है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वेस्टर्न कमांड का नेतृत्व भी किया था।

मिश्रा के सामने अब अयोध्या में राम मंदिर के प्रशासन, प्रबंधन और वित्तीय व्यवस्था को और मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। खास तौर पर मंदिर में दान की चोरी से जुड़े विवाद के बाद ट्रस्ट की पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही को लेकर सवाल उठे हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति को ट्रस्ट के कामकाज में पेशेवर व्यवस्था और बेहतर निगरानी की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

38 साल से ज्यादा का सैन्य अनुभव

एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा दिसंबर 1986 में फाइटर पायलट के तौर पर भारतीय वायु सेना में शामिल हुए थे। 38 साल से ज्यादा लंबे सैन्य करियर के बाद वे मई 2026 में वायु सेना से सेवानिवृत्त हुए। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं।

मिश्रा ने नेशनल डिफेंस एकेडमी, पुणे, एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल, बेंगलुरु, एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, अमेरिका और रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज, ब्रिटेन से प्रशिक्षण और शिक्षा हासिल की है।

दान की चोरी के विवाद के बाद बढ़ी जिम्मेदारी

अयोध्या में दान की चोरी के मामले के बाद राम मंदिर ट्रस्ट में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किए गए हैं। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें ज्यादातर आरोपी दान की रकम की गिनती से जुड़े बताए गए। विवाद के बाद ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय के इस्तीफे की भी खबर सामने आई थी।

ऐसे समय में एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला CEO बनाया जाना अहम माना जा रहा है। अब उनके सामने मंदिर के बढ़ते प्रशासनिक दायरे को व्यवस्थित करने के साथ-साथ वित्तीय पारदर्शिता, जवाबदेही और दान की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *