ट्रंप ने ट्विट कर कहा, हम भारत चीन के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार हैं

Will permanently ban migration from third world countries: Donald Trumpन्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: खाने को नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने, ये उक्ति अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर एकदम फिट बैठती है। अमेरिका की खुद की हालत इतनी ख़राब है, कोरोना से सैकड़ों लोगों की मौत हो गयी है, और लाखों लोग संक्रमित हैं, और वो भारत चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्तता करने के लिए तैयार है।

हाल के दिनों में भारत और चीन के बीच सीमा पर तनातनी कुछ ज्यादा ही बढ़ गयी है। अमेरिका समेत कई देशों की नज़र इस विवाद पर है। हालांकि भारत और चीन ने इस विवाद को सुलझाने की पहल कर दी है लेकिन अमेरिका है कि उसे चौधराहट करने के लिए मौका चाहिए।

इस से पहले भी ट्रम्प भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद सुलझाने के नाम पर अपनी भद्द पिटबा चुके हैं, जब भारत ने उनके प्रयास को सिरे से नकार दिया था। अब ट्रंप ने चीन के साथ मध्यस्थता की बात कही है।

कुछ दिनों से जारी भारत और चीन के बीच सीमा पर तनातनी को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज कहा है कि हम मध्यस्थता के लिए तैयार हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा ”हमने भारत और चीन दोनों को सूचित किया है कि अमेरिका इस समय जोर पकड़ रहे सीमा विवाद में मध्यस्थता करने के लिए तैयार है, इच्छुक है और सक्षम है।” हालांकि भारत ने उनके प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया।

इसी महीने की शुरुआत से भारत और चीन की सेनाओं के बीच तनातनी बढ़ रही है। चीन ने अपने तंबू लगाये तो भारत की सेना भी सामने आ खड़ी हुई। अब खबर है कि लद्दाख में तीन-चार ऐसे फ्लैश प्वाइंट हैं जहां स्थिति गंभीर है। लेकिन हर मोर्चे पर भारतीय सेना ने अपनी बढ़त बना रखी है। भारत की तैनाती के बाद गैलवान घाटी में चीन के सैनिक कैंप में चले गए हैं।

गैलवान घाटी और पैंगोंग त्सो लेक के करीब फिंगर एरिया में दोनों देशों के सैनिक एक दूसरे के आमने सामने आ गए हैं यानि ‘फेसऑफ’ की स्थिति है। इसके अलावा डेमचोक में भी तनाव जैसी स्थिति बन रही है। कुल मिलाकर लद्दाख में तीन-चार ऐसे फ्लैश-पाइंट हैं जहां स्थिति गंभीर तो है लेकिन भारतीय सेना के नियंत्रण में है।

इसी बीच आज सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे ने आर्मी कमांडर्स के साथ बैठक की। इस बैठक में चीन को लेकर भी चर्चा हुई है। सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी। ये बैठक इसलिए अहम है क्योंकि इसमें सेना की ऑपरेशनल तैयारियों पर बात हो रही है। इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने सीमा पर चीन के साथ बढ़ रही तनातनी पर चर्चा की थी। इस दौरान तीनों सेना ने अपनी तैयारियों का ब्लूप्रिंट दिया था।

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