चयन की बहस के बीच संजू सैमसन ने 22 गेंदों में जड़ा 57 रन का तूफानी अर्धशतक, प्रेस कांफ्रेंस में कह दी बड़ी बात

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के लिए टीम में चयन की बहस कोई नई बात नहीं है। 2015 में 20 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने के बाद उन्हें भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। 11 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में वह 68 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले ही खेल सके हैं और अब भी उनकी जगह को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
मंगलवार को अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ सैमसन ने एक बार फिर बल्ले से इन सवालों का जवाब दिया। शुरुआत में 12 गेंदों पर केवल 8 रन बनाने के बाद उन्होंने अगली 10 गेंदों में 49 रन ठोक दिए और 22 गेंदों पर 57 रन की शानदार पारी खेली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को सात विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह रही कि सैमसन ने शुरुआत में दबाव झेला और फिर परिस्थितियों के अनुसार आक्रामक रुख अपनाया।
मैच के बाद सैमसन ने माना कि असफलताओं के दौर में एक भारतीय क्रिकेटर के लिए शोर से खुद को अलग रखना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास आत्मविश्वास बनाए रखने, ऊंचे स्ट्राइक रेट से रन बनाने और जोखिम उठाने का है, भले ही असफल होने पर उन्हें फिर आलोचनाओं का सामना करना पड़े।
अभिषेक और वैभव से चुनौती
सैमसन के सामने अब सलामी बल्लेबाज की जगह के लिए अभिषेक शर्मा और 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की चुनौती भी है। अफगानिस्तान के खिलाफ शुरुआती दो टी20 मैचों में सूर्यवंशी को बाहर बैठना पड़ा, जबकि सैमसन और अभिषेक को मैदान पर बल्लेबाजी का मौका मिला।
सैमसन ने इस प्रतिस्पर्धा को स्वीकार करते हुए कहा कि टीम प्रबंधन, कप्तान, कोच और चयनकर्ताओं के लिए फैसला आसान नहीं है, क्योंकि सभी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मैदान पर वे एक-दूसरे के प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि एक ही टीम और देश के लिए खेलने वाले साथी हैं।
सैमसन का मौजूदा रुख उनके लंबे करियर के अनुभव को भी दर्शाता है, वह चयन और बाहर किए जाने के बीच के उतार-चढ़ाव से परिचित हैं और अब अपना ध्यान उन चीजों पर रखना चाहते हैं जो उनके नियंत्रण में हैं।
