2026 में ‘रफ्तार वाली सरकार’ पर फोकस, ब्यूरोक्रेसी आंध्र की रीढ़: चंद्रबाबू नायडू

Focus on a 'fast-paced government' in 2026, bureaucracy is the backbone of Andhra Pradesh: Chandrababu Naiduचिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश सरकार ने 2026 को “तेज़ और प्रभावी शासन” का वर्ष बनाने का संकेत दिया है। नए साल के मौके पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने साफ किया कि अब सरकार की प्राथमिकता योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि ज़मीन पर उनके तेज़ और असरदार क्रियान्वयन की होगी।

मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि 2025 आंध्र प्रदेश के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ। सरकार ने न सिर्फ़ कल्याणकारी योजनाओं को स्थिर किया, बल्कि सबसे गरीब तबके तक उनका लाभ पहुँचाने का प्रयास किया। निवेशकों का भरोसा लौटाना, दो अंकों की विकास दर हासिल करना और आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटना—इन सभी को उन्होंने प्रशासन और जनता के साझा प्रयासों का नतीजा बताया।

वहीं उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका को केंद्र में रखते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश के पुनरुत्थान का सपना काफी हद तक ब्यूरोक्रेसी के कंधों पर टिका है। उन्होंने IAS, IPS समेत सभी प्रशासनिक अधिकारियों को “प्रशासन की रीढ़” बताते हुए कहा कि नीतियाँ विधानसभा में बनती हैं, लेकिन गरीब की ज़िंदगी में बदलाव तभी आता है जब अधिकारी उन्हें ज़मीन पर ईमानदारी से लागू करते हैं।

पवन कल्याण ने 2026 के लिए संदेश देते हुए कहा कि अब ज़रूरत है ऐसे प्रशासन की जो “दिल से काम करे और रफ्तार से आगे बढ़े।” उनका कहना था कि विकसित आंध्र प्रदेश का रास्ता तेज़, संवेदनशील और जवाबदेह शासन से होकर गुजरता है।

नए साल के साथ सरकार का यह संदेश साफ है—2026 में आंध्र प्रदेश में शासन की कसौटी योजनाओं की संख्या नहीं, बल्कि उनकी स्पीड और असर होगी।

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