फ्रेंच ओपन 2026: अलेक्जेंडर ज़्वेरेव का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब, रोमांचक फाइनल में फ्लावियो कोबोली को हराया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज़्वेरेव ने रविवार को अपने करियर का सबसे बड़ा सपना पूरा करते हुए फ्रेंच ओपन 2026 का पुरुष एकल खिताब जीत लिया। दूसरे वरीय ज़्वेरेव ने रोलां गैरो के सेंटर कोर्ट पर खेले गए रोमांचक फाइनल में इटली के फ्लावियो कोबोली को 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5-7), 6-1 से हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किया।
चार घंटे 16 मिनट तक चले इस संघर्षपूर्ण मुकाबले में ज़्वेरेव ने अनुभव, धैर्य और मानसिक मजबूती का शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ वह 1996 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में बोरिस बेकर की सफलता के बाद ग्रैंड स्लैम जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए।
यह ज़्वेरेव के करियर का चौथा ग्रैंड स्लैम फाइनल और फ्रेंच ओपन में दूसरा फाइनल था। कई बार बड़े मंच पर निराशा झेलने वाले इस खिलाड़ी ने आखिरकार उस बाधा को पार कर लिया, जो वर्षों से उनके रास्ते में खड़ी थी।
दूसरी ओर, 10वीं वरीयता प्राप्त फ्लावियो कोबोली 50 वर्षों में फ्रेंच ओपन जीतने वाले पहले इतालवी पुरुष खिलाड़ी बनने का सपना लेकर कोर्ट पर उतरे थे। हालांकि उन्होंने शानदार संघर्ष किया, लेकिन निर्णायक क्षणों में अनुभव की कमी उन पर भारी पड़ गई।
मैच की शुरुआत पूरी तरह ज़्वेरेव के पक्ष में रही। कोबोली दबाव में नजर आए और पहले सेट में लगातार गलतियां करते रहे। उन्होंने 16 अनफोर्स्ड एरर किए, जिसका फायदा उठाते हुए ज़्वेरेव ने केवल 39 मिनट में पहला सेट 6-1 से अपने नाम कर लिया।
हालांकि, दूसरे सेट में कोबोली ने शानदार वापसी की। उन्होंने लगातार मजबूत सर्विस गेम खेले और सातवें गेम में ज़्वेरेव की सर्विस तोड़कर बढ़त हासिल कर ली। ज़्वेरेव इस दौरान लय में नहीं दिखे और दो डबल फॉल्ट के साथ कई आसान अंक गंवा बैठे। कोबोली ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए सेट 6-4 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया।
तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। सेट का अधिकांश हिस्सा बराबरी का रहा, लेकिन 10वें गेम में कोबोली से हुई कुछ महत्वपूर्ण गलतियों ने मैच का रुख बदल दिया। 30-0 की बढ़त के बावजूद उन्होंने लगातार चार अंक गंवाए और एक खराब फोरहैंड के साथ सेट पॉइंट भी खो दिया। ज़्वेरेव ने इसका लाभ उठाकर सेट 6-4 से जीत लिया।
चौथे सेट में कोबोली ने फिर दमदार जवाब दिया। उन्होंने शुरुआती गेम में ही सर्विस ब्रेक हासिल कर लिया और पूरे सेट में आक्रामक खेल दिखाया। हालांकि वह बढ़त कायम नहीं रख सके और दोनों खिलाड़ियों की सर्विस कई बार टूटी। 5-4 की बढ़त पर सेट के लिए सर्व करते समय भी कोबोली दबाव झेल नहीं पाए, लेकिन उन्होंने खुद को संभालते हुए मुकाबले को टाई-ब्रेक तक पहुंचाया। टाई-ब्रेक में उन्होंने बेहतर खेल दिखाया और सेट जीतकर मैच को निर्णायक पांचवें सेट तक खींच लिया।
इसके बाद पूरा स्टेडियम सांसें थामे निर्णायक सेट का इंतजार कर रहा था। हालांकि स्कोरलाइन भले ही एकतरफा दिखे, लेकिन मुकाबले में तनाव लगातार बना रहा। ऐसे समय में ज़्वेरेव का अनुभव और बड़े मैचों में खेलने की समझ काम आई। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया, कोबोली पर दबाव बनाया और लगातार अंक जुटाते हुए सेट 6-1 से अपने नाम कर लिया।
मैच के दौरान ज़्वेरेव का खेल हमेशा पूरी तरह नियंत्रित नहीं रहा। उन्होंने कुल 54 अनफोर्स्ड एरर किए, लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर वह अपने प्रतिद्वंद्वी से बेहतर साबित हुए। इसी के साथ उनके सिर से वह टैग भी हट गया, जिसमें उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में गिना जाता था, लेकिन ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत पाने के कारण आलोचना झेलनी पड़ती थी।
ज़्वेरेव का ग्रैंड स्लैम सफर कई दर्दनाक हारों से भरा रहा है। वह इससे पहले छह बार क्वार्टर फाइनल, सात बार सेमीफाइनल और तीन बार फाइनल में हार चुके थे। उनकी सबसे बड़ी निराशा 2020 यूएस ओपन का फाइनल था, जब उन्होंने दो सेट की बढ़त गंवाकर खिताब खो दिया था।
फ्रेंच ओपन 2026 का यह खिताब इसलिए भी खास है क्योंकि इस बार कई बड़े दावेदार शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए थे। मौजूदा चैंपियन कार्लोस अल्काराज़, दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी यानिक सिनर और दिग्गज नोवाक जोकोविच टूर्नामेंट में आगे नहीं बढ़ सके, जिससे ज़्वेरेव के सामने इतिहास रचने का सुनहरा अवसर था। उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया और आखिरकार अपने नाम के आगे ग्रैंड स्लैम चैंपियन का तमगा जोड़ लिया।
फाइनल जीतने के बाद ज़्वेरेव की आंखों में भावनाएं साफ दिखाई दे रही थीं। वर्षों की मेहनत, संघर्ष और असफलताओं के बाद आखिरकार वह मुकाम हासिल हो गया, जिसका इंतजार उन्हें और उनके प्रशंसकों को लंबे समय से था। अब अलेक्जेंडर ज़्वेरेव केवल एक बेहतरीन खिलाड़ी नहीं, बल्कि ग्रैंड स्लैम चैंपियन भी हैं।
