सरकार ने कहा, पाकिस्तान के साथ कोई द्विपक्षीय मैच नहीं; एशिया कप मुकाबला को हरी झंडी

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान किसी भी द्विपक्षीय खेल आयोजन में भाग नहीं लेंगे, लेकिन खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने गुरुवार को पुष्टि की कि भारतीय क्रिकेट टीम को आगामी बहु-राष्ट्र एशिया कप में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल आयोजनों में भाग न लेने की अपनी नीति पर अडिग है। खेल मंत्रालय ने 21 अगस्त को कहा कि भारतीय टीमें पाकिस्तान का दौरा नहीं करेंगी और न ही किसी द्विपक्षीय श्रृंखला में पाकिस्तानी टीमों की मेजबानी करेंगी।
एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के आमने-सामने होने की संभावना ने एक बार फिर क्रिकेट से परे एक तीखी बहस को जन्म दे दिया है। इस वर्ष की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बाद, पाकिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर बहिष्कार की मांगें तेज हो गई थीं। हालांकि, खेल मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत टूर्नामेंट में भाग लेगा।
भारत की खेल नीति में निरंतरता: सरकार का बयान
केंद्रीय खेल मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि पाकिस्तान के साथ खेल आयोजनों को लेकर भारत की नीति उसके व्यापक कूटनीतिक दृष्टिकोण के अनुरूप है।
बयान में कहा गया, “पाकिस्तान से संबंधित खेल आयोजनों को लेकर भारत का दृष्टिकोण उस देश के साथ समग्र नीति के अनुरूप है। जहां तक द्विपक्षीय खेलों का प्रश्न है, भारत पाकिस्तान में कोई प्रतियोगिता नहीं खेलेगा और न ही पाकिस्तान की टीमों को भारत में खेलने की अनुमति दी जाएगी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय आयोजनों के मामले में हम अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों की प्रथाओं और अपने खिलाड़ियों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लेते हैं।”
इसके अनुसार, भारत उन बहुपक्षीय टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेता रहेगा जिनमें पाकिस्तान भी प्रतिभागी है, चाहे वे भारत में हों या विदेश में। इसी तरह, पाकिस्तान की टीमें भी भारत में होने वाले बहुपक्षीय टूर्नामेंट्स में हिस्सा ले सकेंगी।
भारत-पाक संभावित तीन भिड़ंतें, टूर्नामेंट 9 सितंबर से शुरू
एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर से हो रही है। अगर भारत और पाकिस्तान दोनों फाइनल तक पहुंचते हैं, तो यह पड़ोसी देश तीन बार एक-दूसरे से भिड़ सकते हैं।
यह मैच ऐसे समय पर हो रहा है जब दोनों देशों के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं। पहलगाम हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर करारा प्रहार किया था। इसमें जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे।
