भारत ने जिम्बाब्वे का 3-0 से किया सूपड़ा साफ, वैभव सूर्यवंशी बने सीरीज के सबसे बड़े सितारे

चिरौरी न्यूज
हरारे: भारत ने जिम्बाब्वे दौरे का शानदार समापन करते हुए तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मेजबान टीम को 35 रन से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 3-0 से अपने नाम कर ली। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज दोनों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
यह जीत कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली भारतीय टीम के लिए खास रही। इससे पहले यूनाइटेड किंगडम दौरे पर भारत को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ एक भी जीत नहीं मिली थी। हालांकि जिम्बाब्वे पर मिली यह क्लीन स्वीप उस निराशाजनक दौरे की पूरी भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन इससे टीम का आत्मविश्वास निश्चित रूप से बढ़ा है।
इस जीत के साथ भारत ने एक और उपलब्धि अपने नाम की। शनिवार को आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल करने के बाद टीम ने रविवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ 2010 के बाद पहली बार किसी टी20 अंतरराष्ट्रीय द्विपक्षीय श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। दूसरी ओर, जिम्बाब्वे को बांग्लादेश के बाद लगातार दूसरी द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा।
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म जारी रहा और वह केवल 2 रन बनाकर ब्लेसिंग मुजरबानी का शिकार बने। पूरी श्रृंखला में मुजरबानी ने तीसरी बार अभिषेक को आउट किया।
इसके बाद युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने पारी को संभाल लिया। उन्होंने ईशान किशन के साथ मिलकर पावरप्ले में भारतीय पारी को गति दी और शुरुआत से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। सूर्यवंशी ने केवल 31 गेंदों में अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय अर्धशतक पूरा किया और इसके बाद भी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी।
ऐसा लग रहा था कि सूर्यवंशी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला शतक पूरा कर लेंगे, लेकिन वेस्ली मधेवेरे ने उनकी शानदार पारी का अंत किया। सूर्यवंशी ने 49 गेंदों पर 81 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 8 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। उनका कैच ब्रैड इवांस ने लॉन्ग ऑफ पर शानदार डाइव लगाकर पकड़ा।
सूर्यवंशी के अलावा ईशान किशन ने 29 रन, कप्तान श्रेयस अय्यर ने 27 रन, जबकि रिंकू सिंह ने केवल 14 गेंदों में नाबाद 25 रन बनाकर भारत को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। भारत द्वारा खड़ा किया गया लक्ष्य पूरे मुकाबले में जिम्बाब्वे की पहुंच से बाहर दिखाई दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत भी खराब रही। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने पारी की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। यह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तीसरी बार था जब मयंक ने पारी की पहली गेंद पर विकेट हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने भुवनेश्वर कुमार की बराबरी कर ली।
इसके बाद यश ठाकुर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए डियोन मायर्स और कप्तान सिकंदर रजा को आउट किया। रजा लगातार दूसरे मैच में बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। यश ठाकुर हैट्रिक के करीब पहुंचे, लेकिन रायन बर्ल ने पहली ही गेंद पर चौका लगाकर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
युवा गेंदबाज अशोक शर्मा को शुरुआत में विकेट नहीं मिला क्योंकि विकेटकीपर ईशान किशन ने उनका आसान कैच छोड़ दिया था। हालांकि उन्होंने शानदार वापसी करते हुए तडीवानाशे मारुमानी को बोल्ड कर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया।
जिम्बाब्वे की ओर से रायन बर्ल और वेस्ली मधेवेरे ने पांचवें विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी कर टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की। मधेवेरे ने 28 रन बनाए, जबकि बर्ल ने 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर अंत तक संघर्ष किया। लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।
भारत की ओर से मयंक यादव, यश ठाकुर, रवि बिश्नोई और अशोक शर्मा ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे की उम्मीदों को खत्म कर दिया। कुछ कैच छूटने और फील्डिंग में छोटी-मोटी गलतियों के बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा।
जिम्बाब्वे की टीम निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 161 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 35 रन से जीतकर श्रृंखला पर 3-0 से कब्जा जमा लिया।
यूनाइटेड किंगडम दौरे की निराशा के बाद भारत के लिए यह श्रृंखला कई मायनों में सकारात्मक रही। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का शानदार प्रदर्शन, तेज गेंदबाजों की लगातार प्रभावी गेंदबाजी और आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर वापसी ने टीम को आगामी अंतरराष्ट्रीय सत्र के लिए मजबूत आत्मविश्वास और नई ऊर्जा प्रदान की।
