ईरान की कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले की चेतवानी

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में रविवार सुबह तनाव एक बार फिर बढ़ गया, जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसकी नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर संयुक्त मिसाइल और ड्रोन हमला किया है। ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई उसके तटीय सैन्य ठिकानों पर हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है।
ईरान का दावा- अमेरिकी हमलों का दिया गया जवाब
IRGC के अनुसार, शनिवार को अमेरिका ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन भंडारण सुविधाओं तथा तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया था। ईरान का आरोप है कि वाशिंगटन ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक जहाज से जुड़ी घटना को बहाना बनाकर उसकी पांच तटीय चौकियों पर हमला किया।
IRGC ने अपने बयान में कहा कि सिरिक क्षेत्र पर हुए अमेरिकी हमलों से होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण कमजोर नहीं होगा। संगठन ने चेतावनी दी कि “नियम तोड़ने वालों” के खिलाफ उसकी कार्रवाई इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले सभी जहाजों के लिए एक स्पष्ट संदेश है। साथ ही उसने दावा किया कि आने वाले दिनों में पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को “नरक जैसी स्थिति” का सामना करना पड़ सकता है।
कुवैत ने एयर डिफेंस सक्रिय होने की पुष्टि की
कुवैत की सेना ने पुष्टि की कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने “दुश्मन” की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की कार्रवाई की। हालांकि, इन हमलों में किसी प्रकार के नुकसान या हताहतों को लेकर अमेरिकी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
IRGC ने अमेरिका पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लंघन जारी रहा तो सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएं पूरी तरह समाप्त हो सकती हैं। ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों के खिलाफ और अधिक सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा किसी भी “दुश्मन की आक्रामकता” का करारा जवाब दिया जाएगा।
अमेरिका का दावा- टैंकर पर हमले के बाद की गई कार्रवाई
अमेरिका का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku पर हुए कथित ड्रोन हमले के बाद की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों तथा तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया गया।
CENTCOM का दावा है कि युद्धविराम के बावजूद ईरान समर्थित वन-वे अटैक ड्रोन ने M/T Kiku को निशाना बनाया, जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरते समय 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल ले जा रहा था।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास स्थित सिरिक द्वीप पर जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि अमेरिकी प्रोजेक्टाइल ने केशम द्वीप के एक गांव को भी निशाना बनाया।
ट्रम्प की नई चेतावनी
हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तेहरान युद्धविराम का उल्लंघन जारी रखता है तो अमेरिका “सैन्य रूप से काम पूरा करने” के लिए मजबूर होगा।
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी विमानों ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों तथा तटीय रडार साइटों पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकता, तो अमेरिका और अधिक व्यापक सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
शनिवार का यह अभियान, गुरुवार को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे कार्गो जहाज M/V Ever Lovely पर हुए हमले के बाद अमेरिका द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई का दूसरा चरण माना जा रहा है। लगातार दो दिनों से जारी सैन्य अभियानों ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। इससे यह आशंका भी गहरा गई है कि महज दो सप्ताह पहले हुआ नाजुक युद्धविराम पूरी तरह टूट सकता है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में व्यापक संघर्ष का खतरा बढ़ सकता है।
