एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह 20 फरवरी 2027 को मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए अपना नाम पेश नहीं करेंगे। उनका इस्तीफा टाटा संस की 18 अगस्त को होने वाली वार्षिक आम बैठक से पहले आया है।
एन. चंद्रशेखरन ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने टाटा समूह में पेशेवर जीवन के 40 वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित संस्थान में योगदान देने का अवसर उनके लिए बेहद संतोषजनक रहा और पिछले एक दशक तक टाटा संस का नेतृत्व करना उनके लिए बड़े सम्मान और गहरी जिम्मेदारी का विषय रहा।
उन्होंने बताया कि टाटा संस के अगले पांच साल के कार्यकाल के लिए सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से उनके कार्यकाल के विस्तार की सिफारिश की थी। इस प्रस्ताव को टाटा संस की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति और बोर्ड ने भी दर्ज कर सिफारिश की थी। प्रस्ताव 24 फरवरी 2026 को टाटा संस के बोर्ड के समक्ष रखा गया था, लेकिन बोर्ड के एक सदस्य के समर्थन नहीं देने के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
चंद्रशेखरन ने कहा कि बोर्ड की उस बैठक को छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। उनके मुताबिक टाटा संस एक बहुत बड़ा संस्थान है और समूह की कई महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाएं निर्णायक चरण में हैं। ऐसे में फरवरी 2027 के बाद समूह का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर जल्द स्पष्टता होना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने टाटा संस के बोर्ड को सूचित किया है कि वह 20 फरवरी 2027 को कार्यकाल पूरा होने के बाद पुनर्नियुक्ति के लिए अपना नाम पेश नहीं करेंगे। उन्होंने बोर्ड से उत्तराधिकारी के चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का अनुरोध किया है, ताकि नेतृत्व का सुचारु हस्तांतरण सुनिश्चित किया जा सके।
इस्तीफे की खबर के बाद शेयर बाजार में टाटा समूह की कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। सुबह 11:30 बजे तक टाटा पावर के शेयर में 1.26 प्रतिशत, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर में 3.9 प्रतिशत और टाटा स्टील के शेयर में 1.83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
एन. चंद्रशेखरन वर्ष 2017 से टाटा संस के चेयरमैन के रूप में समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। अब टाटा संस के सामने अगले चेयरमैन के चयन और नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को समय रहते पूरा करने की चुनौती है।
