अमेरिकी अधिकारी: ट्रंप और पीएम मोदी रूसी तेल व्यापार पर टैरिफ़ के मुद्दे को सुलझाएंगे
चिरौरी न्यूज
वॉशिंगटन: रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर अमेरिकी टैरिफ की धमकी से पैदा हुए विवाद को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मिलकर सुलझाएंगे। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने मंगलवार को यह बात कही।
नवारो की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी सीनेट ने एक विधेयक पारित किया है, जिसमें राष्ट्रपति को रूस से तेल खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है। इस कदम के समर्थकों का तर्क है कि रूस से तेल कारोबार यूक्रेन युद्ध के लिए आर्थिक समर्थन उपलब्ध कराता है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नवारो ने कहा कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से पहले भारत रूस से तेल कारोबार में शामिल नहीं था। हालांकि, 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदना शुरू किया और रूस की ओर से रिफाइंड उत्पादों की बिक्री में भी भूमिका निभाई।
उन्होंने दावा किया कि इससे रूस के युद्ध प्रयासों को आर्थिक मदद मिली। हालांकि, नवारो ने कहा कि अब यह मुद्दा सुलझ चुका है और भारत को रूस के साथ तेल कारोबार से दूर करने में उनकी भी कुछ भूमिका रही है। नवारो ने हाल ही में Financial Times में प्रकाशित अपने एक लेख का जिक्र करते हुए कहा, “शायद उस लेख का भी इसमें थोड़ा योगदान रहा।”
भारत-अमेरिका संबंधों पर जोर देते हुए नवारो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच अच्छे कामकाजी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेता इस मुद्दे को आपस में सुलझा लेंगे और वह इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते। यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस से भारत की तेल खरीद को लेकर अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है।
