कुलदीप यादव का गौतम गंभीर को बड़ा संदेश, यॉर्कशायर के लिए 10 विकेट लेकर मचाया तहलका

Kuldeep Yadav sends a strong message to Gautam Gambhir; creates a sensation by taking 10 wickets for Yorkshire.
(Pic: Kuldeep Yadav twitter)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: भारतीय टेस्ट टीम में अपनी जगह के लिए दावेदारी पेश कर रहे कुलदीप यादव ने हेडिंग्ले में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ताओं का ध्यान जरूर खींचा होगा। यॉर्कशायर की ओर से एसेक्स के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप मुकाबले में कुलदीप ने मैच में 10 विकेट लेकर अपनी फिरकी का शानदार नमूना पेश किया और टीम को पारी और 106 रनबाजी की बारी आई तो उन्होंने एसेक्स की पहली पारी में 70 रन देकर चार विकेट चटकाए। एसेक्स की टीम से बड़ी जीत दिलाई।

बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर कुलदीप ने पहली पारी में 4 विकेट लिए, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 6 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। इस तरह उन्होंने मैच में 10 विकेट 120 रन देकर हासिल किए। यह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कुलदीप का पहला 10 विकेट का प्रदर्शन है।

पहली पारी में 4, दूसरी में 6 विकेट

यॉर्कशायर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 390 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कुलदीप ने बल्ले से भी योगदान दिया और 36 रन बनाए। इसके बाद गेंदबाजी की बारी आई तो उन्होंने एसेक्स की पहली पारी में 70 रन देकर चार विकेट चटकाए। एसेक्स की टीम 284 रन पर सिमट गई।

दूसरी पारी में कुलदीप और भी घातक नजर आए। उन्होंने महज 50 रन देकर छह विकेट हासिल किए और एसेक्स की बल्लेबाजी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। यॉर्कशायर नेकुलदीप का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब भारतीय टेस्ट टीम में स्पिन गेंदबाजी मुकाबला पारी और 106 रन से अपने नाम कर लिया।

गंभीर के सामने मजबूत हुई दावेदारी

कुलदीप का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब भारतीय टेस्ट टीम में स्पिन गेंदबाजी को लेकर नए विकल्पों पर चर्चा चल रही है। कुलदीप सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत के सबसे प्रभावी स्पिनरों में शामिल रहे हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्हें लगातार खेलने का मौका नहीं मिला। 2017 में टेस्ट डेब्यू करने के बाद से वह सिर्फ 19 टेस्ट मैच खेल पाए हैं।

इसकी बड़ी वजह भारतीय टीम का लंबे समय तक रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा पर भरोसा रहा। दोनों ही गेंद से प्रभावी होने के साथ-साथ बल्ले से भी अहम योगदान देते थे। ऐसे में टीम के संतुलन को देखते हुए कुलदीप को अक्सर परिस्थितियों के अनुकूल होने पर ही अंतिम एकादश में जगह मिलती थी।

अब हालात बदल चुके हैं। अश्विन टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, जबकि 37 साल के जडेजा अपने करियर के अंतिम दौर में हैं। ऐसे में कुलदीप के लिए टेस्ट टीम में नियमित जगह बनाने का मौका पहले से बेहतर नजर आता है।

सुंदर और सुथार से मिलेगी कड़ी चुनौती

हालांकि कुलदीप की राह अभी भी आसान नहीं है। टीम इंडिया के पास स्पिन विभाग में कई विकल्प मौजूद हैं। सुंदर ने टेस्ट योजनाओं में अपनी जगह मजबूत की है। ऑफ स्पिन के साथ उनकी बल्लेबाजी टीम को अतिरिक्त संतुलन देती है। ऐसे में जब भारत को बल्लेबाजी में गहराई की जरूरत होती है, सुंदर कुलदीप पर बढ़त हासिल कर सकते हैं।

दूसरी ओर मानव सुथार ने भी अपने शुरुआती टेस्ट प्रदर्शन से प्रभावित किया है। उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में सात विकेट लिए और दूसरे टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ 10 विकेट लेकर अपनी दावेदारी मजबूत कर दी।

फिर भी कुलदीप क्यों हैं खास?

सुथार की सबसे बड़ी ताकत उनकी सटीकता है, जबकि सुंदर बल्लेबाजी के कारण टीम को अतिरिक्त विकल्प देते हैं। कुलदीप के पास इन दोनों से अलग रिस्ट स्पिन का हथियार है। उनकी गेंदों में टर्न, फ्लाइट और बल्लेबाज को चौंकाने की क्षमता है। टेस्ट क्रिकेट में लंबे स्पेल के दौरान विकेट निकालने वाला ऐसा गेंदबाज किसी भी कप्तान के लिए बड़ा हथियार साबित हो सकता है।

यही वजह है कि यॉर्कशायर के खिलाफ कुलदीप का 10 विकेट का प्रदर्शन सिर्फ एक शानदार काउंटी मैच नहीं है। यह उस समय आया है जब भारतीय टेस्ट टीम में स्पिन विभाग का समीकरण बदल रहा है।

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