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मोदी सरकार का बड़ा फैसला: अग्निवीरों को अब दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल, सशस्त्र बलों में स्थायी रूप से शामिल होने मौका

Major decision by the Modi government: Agniveers to now get an additional two-year tenure, with an opportunity for permanent induction into the armed forces.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: सरकार ने बुधवार को कैबिनेट के एक बड़े फैसले में कहा है कि अग्निपथ योजना के तहत, जिन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से बाहर होना था, उन्हें अब दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाएगा। इसके बाद, जो अग्निवीर चाहें, वे सशस्त्र बलों में स्थायी रूप से शामिल हो सकते हैं।

2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों में कम समय के लिए युवाओं की भर्ती करना है, ताकि तीनों सेनाओं में जवानों की औसत उम्र कम की जा सके। इस योजना के तहत भर्ती होने वालों को ‘अग्निवीर’ कहा जाता है।

कैबिनेट का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब लगभग 18,000 अग्निवीरों का कार्यकाल पूरा होने वाला था और उन्हें सशस्त्र बलों से बाहर जाना था। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने कहा कि सभी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में अपना कार्यकाल जारी रखने का मौका दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यह उनके प्रदर्शन और उसके मूल्यांकन (रिव्यू) पर निर्भर करेगा। जनरल सुब्रमणि ने कहा, “शुरुआत से ही यह स्पष्ट था कि इस योजना की समीक्षा की जाएगी। हर साल अग्निवीरों के प्रदर्शन का रिव्यू किया जाता था, और हमने यह फैसला लिया है कि उनके कार्यकाल को दो साल और बढ़ाया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह योजना शुरू से ही “पूरी तरह से तय या अपरिवर्तनीय” नहीं थी।

उन्होंने कहा, “यह समीक्षा आज ही नहीं हुई है, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। हम पिछले तीन-चार महीनों से इस पर चर्चा कर रहे थे, और आज कैबिनेट ने हमारी सिफारिशों को मंजूरी दे दी है।”

जनरल ने इस बात पर भी जोर दिया कि अग्निपथ योजना अपने मौजूदा स्वरूप में—यानी शुरुआती चार साल के लिए—जारी रहेगी।

उन्होंने कहा, “अग्निपथ योजना को बंद नहीं किया गया है। यह जारी रहेगी। दूसरी बात, दो साल का यह अतिरिक्त कार्यकाल उन अग्निवीरों को और अधिक समय तक सेवा करने का मौका देता है, जिनका चयन शुरुआती चार वर्षों में नहीं हो पाया था। यह उनके अनुभव, योग्यता और कौशल के तुलनात्मक मूल्यांकन पर आधारित है। ऐसा नहीं है कि वे खराब हैं; यह बस एक तुलनात्मक स्थिति है। इसलिए, इन दो वर्षों में उन्हें सेना में और अधिक समय तक सेवा करने का मौका मिलेगा, और साथ ही उन्हें नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का विकल्प भी मिलेगा। यह दोनों पक्षों के लिए एक फायदेमंद स्थिति है।” अग्निपथ योजना के तहत सैनिकों की भर्ती चार साल की अवधि के लिए की गई थी, जिसमें से केवल 25 प्रतिशत सैनिकों को ही नियमित सेवा में बनाए रखने का प्रावधान था।

यह फैसला सेवा की छोटी अवधि को लेकर हो रही आलोचनाओं के बीच आया है। इसी वजह से उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और अन्य कई राज्यों ने पुलिस तथा अन्य सेवाओं में अग्निवीरों के लिए आरक्षण देने का निर्णय लिया है।

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