गोल नहीं, सवाल छोड़ गए रोनाल्डो! कोलंबिया से ड्रॉ के बाद पुर्तगाल की कमजोरियां हुईं उजागर

No goals, but Ronaldo leaves questions behind! Portugal's weaknesses exposed after draw with Colombia.
(Piccredit: Cristiano Ronaldo @Cristiano)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: तीन दिन पहले तक क्रिस्टियानो रोनाल्डो फुटबॉल की दुनिया में एक बार फिर सुर्खियों में थे। छह अलग-अलग फीफा वर्ल्ड कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बनने के बाद उन्होंने कैमरे की ओर देखकर जोर से कहा था, “I’m Back”। ऐसा लगा था कि 41 साल की उम्र में भी रोनाल्डो बड़े मुकाबलों का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।

लेकिन शनिवार रात मियामी में खेले गए मुकाबले की तस्वीर बिल्कुल अलग रही।

ग्रुप K के निर्णायक मुकाबले में पुर्तगाल और कोलंबिया के बीच मैच 0-0 से ड्रॉ रहा। हालांकि स्कोरलाइन बराबरी की रही, लेकिन पूरे मैच में कोलंबिया का दबदबा साफ दिखाई दिया। बेहतर प्रदर्शन के दम पर कोलंबिया ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि पुर्तगाल उपविजेता के रूप में नॉकआउट दौर में पहुंचा।

रोनाल्डो रहे बेअसर, नहीं मिला साथ

इस मुकाबले में रोनाल्डो न तो गोल कर सके और न ही कोई बड़ा मौका बना पाए। वह लगातार अपने साथियों को इशारे करते रहे, विंगर्स से क्रॉस की मांग करते रहे और पेनल्टी बॉक्स में सही पोजिशन लेते रहे, लेकिन पुर्तगाल की मिडफील्ड उन्हें गेंद पहुंचाने में नाकाम रही।

उज्बेकिस्तान के खिलाफ पिछले मैच में पुर्तगाल ने लगातार विंग से हमले किए थे और रोनाल्डो को कई क्रॉस मिले थे। लेकिन कोलंबिया के खिलाफ टीम पूरी तरह अपनी रणनीति से भटकी हुई नजर आई।

अगर पुर्तगाल इस मुकाबले में हार से बच पाया तो इसका सबसे बड़ा श्रेय गोलकीपर डियोगो कोस्टा को जाता है। कोलंबिया ने मैच में 24 शॉट लगाए, जबकि पुर्तगाल सिर्फ 13 शॉट ही लगा सका। कोस्टा ने छह शानदार बचाव किए और कई आसान दिख रहे गोल रोककर अपनी टीम को एक अंक दिलाया।

मैच के अंतिम क्षणों में कोलंबिया के डेविन्सन सांचेज ने गोल भी कर दिया था, लेकिन VAR जांच में वह ऑफसाइड पाए गए और पुर्तगाल को राहत मिल गई।

मिडफील्ड ने किया निराश

पुर्तगाल की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी मिडफील्ड रही। ब्रूनो फर्नांडिस, वितिन्हा, रूबेन नेवेस, जोआओ नेवेस और जोआओ फेलिक्स जैसे स्टार खिलाड़ियों के बावजूद टीम के खेल में तालमेल की कमी साफ नजर आई।

ब्रूनो फर्नांडिस को बार-बार गेंद लेने के लिए पीछे आना पड़ा, जबकि वितिन्हा मैच की रफ्तार नियंत्रित नहीं कर सके। रूबेन नेवेस ने गेंद पर कब्जा तो बनाए रखा, लेकिन खेल में तेजी नहीं ला पाए। वहीं जोआओ फेलिक्स भी रोनाल्डो और मिडफील्ड के बीच प्रभावी कड़ी नहीं बन सके।

पूरे मुकाबले में पुर्तगाल के हमलों में न तो स्पष्ट रणनीति दिखी और न ही खिलाड़ियों के बीच बेहतर समझ।

अब कोच रॉबर्टो मार्टिनेज पर उठेंगे सवाल

कोलंबिया के खिलाफ मुकाबला इस टूर्नामेंट में पुर्तगाल की पहली बड़ी परीक्षा थी और टीम उस चुनौती पर खरी नहीं उतर सकी। रोनाल्डो को पर्याप्त मौके नहीं मिले, मिडफील्ड बिखरी हुई नजर आई और आक्रमण में कोई स्पष्ट पहचान नहीं दिखी।

हालांकि पुर्तगाल ने नॉकआउट दौर के लिए क्वालीफाई कर लिया है, लेकिन अब टीम की रणनीति और मुख्य कोच रॉबर्टो मार्टिनेज के फैसलों पर सवाल उठने तय हैं। यदि अगले मुकाबलों में पुर्तगाल को खिताब की दौड़ में बने रहना है, तो उसे अपने खेल में बड़ा सुधार करना होगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *