स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्राथमिकता दें: वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं के बीच पीयूष गोयल ने निर्यातकों से किया आग्रह
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को निर्यातकों से अपील की कि वे वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितताओं को देखते हुए स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्राथमिकता दें, जिससे देश की आर्थिक सुरक्षा को मजबूती मिल सके और घरेलू उत्पादन बाधित न हो।
गोयल ने इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट्स प्रमोशन काउंसिल (EEPC) की प्लेटिनम जुबली समारोह में कहा, “जब भी कोई देश निर्यात पर प्रतिबंध लगाता है या कंट्रोल लगाता है, तो इसका सीधा असर हमारे उद्योग और निर्यातकों पर पड़ता है। इसलिए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है।”
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब चीन ने रेयर अर्थ मैग्नेट्स के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे भारत के ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के उत्पादन कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं।
गोयल ने उद्योग जगत से यह भी आग्रह किया कि सरकार द्वारा घोषित वस्तु एवं सेवा कर (GST) में की गई कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को सरल बनाने और टैक्स दरों को कम करने से घरेलू मांग बढ़ेगी, जो आर्थिक वृद्धि को गति देगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 7.8% की दर से बढ़ी, जो बाजार की उम्मीदों से अधिक है। इस वृद्धि का प्रमुख कारण सेवा क्षेत्र की मजबूती रही।
गोयल ने यह भी बताया कि सरकार निर्यातकों के लिए एक सक्षम वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे वे वैश्विक व्यापार में बढ़ती टैरिफ और संरक्षणवाद जैसी चुनौतियों से निपट सकें।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारतीय निर्यातकों को नई तकनीकों और टिकाऊ (सस्टेनेबल) उपायों को अपनाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय उद्योग इन चुनौतियों का सामना नवाचार के साथ करेगा।
पिछले सप्ताह गोयल ने विभिन्न निर्यात प्रोत्साहन परिषदों और उद्योग संघों के साथ एक बैठक की, जिसमें बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
उन्होंने निर्यातकों से उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने, वैश्विक मानकों के अनुरूप बनने, आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने और वैकल्पिक बाजारों की खोज करने का आह्वान किया। बैठक में इस बात पर व्यापक सहमति बनी कि सरकार वैकल्पिक तंत्र विकसित करने और निर्यात वृद्धि को बनाए रखने के लिए हर संभव समर्थन देगी।
गोयल ने यह दोहराया कि भारत का दीर्घकालिक लक्ष्य घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना और निर्यात को बढ़ावा देना है। सरकार “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस”, लक्षित व्यापार सहायता और समय पर नीतिगत हस्तक्षेपों के माध्यम से उद्योग को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
