कानपुर बालिका संरक्षण गृह में लड़कियों के गर्भवती पाए जाने पर प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर साधा निशाना

चिरौरी न्यूज़ डेस्क

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा कानपुर में संचालित बालिका संरक्षण गृह में रहने वाली 57 लड़कियों में से सात के गर्भवती पाए जाने की खबर अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। कांग्रेस पार्टी की नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा ने इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधा है।

प्रियंका ने कहा कि ऐसी घटना का सामने आना दिखाता है कि जांच के नाम पर ऐसी संस्थानों में क्या होता है। उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में नवभारत टाइम्स के वेबसाइट को टैग करते हुए दावा किया कि कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह में कोरोना वायरस की जांच के दौरान पाया गया कि वहां रह रही लड़कियां गर्भवती थीं और उनमें से एक एचआईवी पॉजिटिव थी।

प्रियंका गाँधी ने कहा कि, “मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है। उत्तर प्रदेश के देवरिया से भी ऐसा मामला सामने आ चुका है।“  उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर सब कुछ दबा दिया जाता है। सरकारी बाल संरक्षण गृहों में बहुत ही अमानवीय घटनाएं घट रही हैं।

बता दें कि कानपुर में संचालित बालिका संरक्षण गृह कोरोना टेस्ट के समय 7 लड़कियां गर्भवती पायी गयी, और इनमें से एक लड़की एचआईवी से भी ग्रसित बताई जा रही है। हालांकि मामले को स्पष्ट करते हुए कानपुर जिलाधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी ने बताया कि शेल्टर होम की सात लड़कियां गर्भवती हैं, जिसमें से पांच लड़कियां कोरोना पॉजिटिव भी पाई गई हैं। हालांकि, उनका कहना है कि यह लड़कियां शेल्टर होम में लाए जाने से पहले ही गर्भवती थीं।

जिलाधिकारी ने कहा, ‘इन लड़कियों को आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजाबाद और कानपुर की बाल कल्याण समितियों द्वारा यहां भेजा गया था। ये सभी लड़कियां बालिका संरक्षण गृह में लाए जाने के पहले से गर्भवती थीं। उन्होंने कहा कि संक्रमित पाई गई दो लड़कियों का इलाज लाला लाजपत राय अस्पताल में किया जा रहा है। वहीं अन्य तीन लड़कियों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

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