मोहम्मद शमी की टीम इंडिया में वापसी पर सवाल; आकाश चोपड़ा बोले- ‘संकेत साफ हैं’

चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वापसी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए बुधवार को घोषित भारतीय टीम में शमी को जगह नहीं मिली। इसके बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शमी की वापसी की उम्मीदें अब काफी कम नजर आ रही हैं।
शमी ने आखिरी बार 2025 में भारत के लिए खेला था। हालांकि, इसके बाद से वह घरेलू क्रिकेट में लगातार सक्रिय रहे हैं और अपने प्रदर्शन से खुद को फिट और मुकाबले के लिए तैयार साबित करते रहे हैं। इसके बावजूद वेस्टइंडीज सीरीज के लिए चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में शामिल नहीं किया।
‘संकेत साफ हैं’
आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर भारतीय टीम के चयन पर चर्चा करते हुए शमी और भुवनेश्वर कुमार का जिक्र किया। उनके मुताबिक, टीम में लगातार नए खिलाड़ियों को मौके मिलने के बीच इन दोनों अनुभवी गेंदबाजों का नाम नहीं होना एक महत्वपूर्ण संकेत है।
चोपड़ा ने कहा, “मुझे लगता है कि शमी और भुवी के नजरिए से संकेत साफ हैं। T20I के नजरिए से आप भुवी के बारे में सोच सकते थे और ODI के नजरिए से मोहम्मद शमी के बारे में सोच सकते थे। लेकिन अब आप उनके बारे में नहीं सोच रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि अलग-अलग फॉर्मेट में टीमों के संयोजन और नए खिलाड़ियों को मिल रहे अवसरों को देखते हुए शमी और भुवनेश्वर की वापसी की संभावनाओं को लेकर स्थिति काफी स्पष्ट दिखाई देती है।
चोपड़ा ने कहा, “इतनी सारी टीमें, इतना ओवरलैप और इतने नए खिलाड़ियों को मौके मिल रहे हैं। ODI टीम में आकिब नबी का नाम आना, T20I सेटअप में मयंक यादव और प्रिंस यादव का आना और भुवी या शमी का न होना—मुझे लगता है कि यह हमें कुछ बताता है। शायद हमें इसे स्वीकार करके आगे बढ़ना होगा।”
IPL में भुवनेश्वर का शानदार प्रदर्शन
भुवनेश्वर कुमार ने IPL 2026 में चैंपियन बनी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने टूर्नामेंट में 28 विकेट अपने नाम किए थे। इसके बावजूद वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए उन्हें भारतीय टीम में जगह नहीं मिली। वहीं, शमी भी घरेलू क्रिकेट में लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। ऐसे में उनके चयन से बाहर रहने ने उनके अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
टीम इंडिया से बाहर होने के बीच शमी ने हाल ही में अपने करियर की एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। ईस्ट जोन की ओर से दिलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में उतरते ही उन्होंने 100 फर्स्ट-क्लास मैच पूरे कर लिए। अपने 100वें मैच को लेकर शमी ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए हमेशा खास रहेगी। BCCI डोमेस्टिक द्वारा साझा किए गए वीडियो में उन्होंने अपने लंबे करियर और क्रिकेट के प्रति जुनून की बात की।
शमी ने कहा, “100वां मैच हमेशा खास होता है। चाहे आप पहली बार शतक लगाकर बल्ला उठाएं या 100 मैच खेलें, यह एक बहुत लंबा सफर, लंबा त्याग और जीवन का एक लक्ष्य होता है।” उन्होंने आगे कहा, “100 फर्स्ट-क्लास मैच खेलना, अपने राज्य को गौरवान्वित करना, अलग-अलग जगहों और अलग-अलग परिस्थितियों में मैच खेलना और विकेट लेना एक सपना है। यह एक बड़ी बात है।”
14 साल बाद भी ईस्ट जोन का हिस्सा रहे शमी
शमी का फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में यह सफर सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है। जब 2012 में ईस्ट जोन ने अपना पहला दिलीप ट्रॉफी खिताब जीता था, तब शमी महज 21 साल के थे। 14 साल बाद 2026 में जब ईस्ट जोन ने तीसरी बार यह खिताब अपने नाम किया, तब भी शमी टीम का हिस्सा थे। ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच खेले गए फाइनल में ईस्ट जोन ने जीत दर्ज की और शमी ने अपने 100वें फर्स्ट-क्लास मैच को यादगार उपलब्धि के साथ पूरा किया।
क्या शमी की वापसी की उम्मीद बाकी है?
फिलहाल चयनकर्ताओं की ओर से शमी के अंतरराष्ट्रीय भविष्य को लेकर किसी अंतिम फैसले की घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, वेस्टइंडीज सीरीज में उनका चयन नहीं होना और टीम में लगातार नए तेज गेंदबाजों को मिल रहे अवसर इस बहस को जरूर हवा दे रहे हैं।
शमी के लिए सकारात्मक पहलू यह है कि वह घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हैं और खुद भी साफ कर चुके हैं कि क्रिकेट के प्रति उनकी भूख अभी कम नहीं हुई है। ऐसे में अब सवाल सिर्फ यही है कि क्या उनका अनुभव और मौजूदा घरेलू प्रदर्शन एक बार फिर उन्हें टीम इंडिया की जर्सी तक पहुंचा पाएगा?
