वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतज़ार, गौतम गंभीर ने बताया क्यों नहीं मिला मौका

Vaibhav Sooryavanshi will have to wait; Gautam Gambhir explains why he didn't get a chance
(Pic credit: BCCI)

चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज में 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल सकी। जिम्बाब्वे दौरे पर शानदार प्रदर्शन करने वाले वैभव को लेकर फैंस को उम्मीद थी कि उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ भी मौका मिलेगा, लेकिन पूरी सीरीज में वह बेंच पर ही बैठे रहे।

सीरीज के आखिरी मुकाबले में भी वैभव को मौका नहीं दिया गया और संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कोच गौतम गंभीर ने साफ किया कि वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन उन्हें अपने मौके का इंतज़ार करना होगा।

‘वैभव को अपने मौके का इंतज़ार करना होगा’

गौतम गंभीर ने कहा कि टीम मैनेजमेंट वैभव की प्रतिभा और उनकी क्षमता से पूरी तरह वाकिफ है। हालांकि, लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ी को टीम में पहले मौका मिलना स्वाभाविक है। गंभीर ने कहा, “वैभव के नजरिए से बात बिल्कुल स्पष्ट है कि उसे अपने मौके का इंतज़ार करना होगा। हम जानते हैं कि उसमें किस तरह की प्रतिभा है और वह क्या कर सकता है। लेकिन जो खिलाड़ी लंबे समय से लगातार अच्छा करता आया है, वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जो अभी टीम में आया है।”

भारतीय कोच ने यह भी भरोसा दिलाया कि जब वैभव को मौका मिलेगा, तो उन्हें टीम में पर्याप्त समय दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “जब उसे मौका मिलेगा, तो उसे लंबा रन भी मिलेगा। भारतीय क्रिकेट में यही होना चाहिए। हम टीम के अंदर प्रतिस्पर्धा चाहते हैं और ड्रेसिंग रूम में इस तरह की प्रतिभा का होना अच्छी बात है। लेकिन कभी-कभी क्रिकेट ऐसा ही होता है। चाहे आप 15 साल के हों या 30 साल के, आपको अपने मौके का इंतज़ार करना पड़ता है।”

वैभव सूर्यवंशी अफगानिस्तान सीरीज में शानदार फॉर्म के साथ पहुंचे थे। जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने अपनी बल्लेबाज़ी से खूब प्रभावित किया था और प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार अपने नाम किया था। उन्होंने उस दौरे पर 151 रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट 196.10 रहा था। ऐसे प्रदर्शन के बाद फैंस को उम्मीद थी कि उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ भी खेलने का मौका मिलेगा।

लेकिन संजू सैमसन की वापसी के बाद टीम मैनेजमेंट ने अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज को प्राथमिकता दी।

गंभीर ने बताया क्यों सैमसन को मिली प्राथमिकता

गौतम गंभीर ने संजू सैमसन के अनुभव और भारत के लिए उनके पिछले प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोई खिलाड़ी सिर्फ कुछ खराब मैचों के कारण खराब खिलाड़ी नहीं बन जाता। गंभीर ने कहा कि विश्व कप जीतने वाली टीम के संयोजन पर वापस जाना टीम मैनेजमेंट की प्राथमिकता थी। उन्होंने इंग्लैंड सीरीज का उदाहरण देते हुए बताया कि सैमसन को बाहर रखना उनके कोचिंग करियर के सबसे मुश्किल फैसलों में से एक था।

गंभीर ने कहा, “सैमसन ने दिखाया कि वह क्या कर सकते हैं। कोई खिलाड़ी बिना प्रतिभा के विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट नहीं बनता। उन्होंने काफी कुछ किया है।” उन्होंने आगे कहा कि इंग्लैंड सीरीज से सैमसन को बाहर करना उनके लिए बेहद मुश्किल फैसला था, लेकिन कई बार टीम को खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म के आधार पर भी फैसले लेने पड़ते हैं।

सैमसन ने अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में अपने चयन को सही साबित करते हुए शानदार बल्लेबाज़ी की। उन्होंने तीन मैचों में 117 रन बनाए और दो अर्धशतक भी जड़े। यही वजह रही कि टीम मैनेजमेंट ने वैभव की प्रतिभा को स्वीकार करने के बावजूद सैमसन को प्राथमिकता दी। वैभव सूर्यवंशी के लिए फिलहाल चुनौती धैर्य बनाए रखने की है। टीम मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि उनकी प्रतिभा पर भरोसा कायम है और जब उन्हें मौका मिलेगा, तो उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाएंगे।

अब नजर इस बात पर होगी कि वैभव को भारत की अगली T20I असाइनमेंट में कब मौका मिलता है। फैंस को उम्मीद है कि जापान के खिलाफ T20I मुकाबले या एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर इस युवा बल्लेबाज़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है।

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