राहुल गांधी के पीएम मोदी की विदेश नीति पर तंज से सियासी घमासान, BJP ने साधा निशाना
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के तंज के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके बयान को “असंस्कारी और अशोभनीय” करार दिया। BJP नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद की गरिमा को कम किया है।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने गुरुवार को आयोजित रचनात्मक कांग्रेस नेशनल कन्वेंशन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर कटाक्ष किया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री की विदेश नीति विदेशी नेताओं को गले लगाने तक सीमित है। राहुल गांधी ने इस दौरान BJP-RSS पर भी निशाना साधते हुए उन्हें “जोकरों का समूह” बताया और कहा कि उन्हें भारत की समझ नहीं है।
प्रह्लाद जोशी बोले- राहुल गांधी को बड़ा होने की जरूरत
राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी से “बड़े होने” की अपील करते हुए कहा कि देश चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की जरूरत होती है, न कि अपरिपक्व राजनीतिक नाटक की।
जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता हैं और राहुल गांधी के परिवार की तरह किसी वंश या पारिवारिक विरासत के आधार पर सत्ता में नहीं आए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की भाषा उनकी “हताशा” को दर्शाती है। जोशी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री पर हमला करके राहुल गांधी ने देश की जनता का अपमान किया है, क्योंकि प्रधानमंत्री सीधे तौर पर जनता के जनादेश से चुने गए हैं।
मंच पर ‘हग’ को लेकर भी विवाद
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने विदेशी नेताओं के साथ उनकी सार्वजनिक मुलाकातों और गले मिलने की तस्वीरों का जिक्र किया।राहुल गांधी ने मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के साथ गले मिलने का प्रदर्शन भी किया और इसे प्रधानमंत्री की विदेश नीति की उनकी समझ के उदाहरण के तौर पर पेश किया। इस दौरान संदीप दीक्षित ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का भी संदर्भ दिया, जिसके बाद मंच पर मौजूद नेताओं के बीच इस पर राजनीतिक कटाक्ष का सिलसिला आगे बढ़ा। राहुल गांधी का आरोप था कि प्रधानमंत्री की कूटनीति में प्रतीकात्मक gestures, जैसे विदेशी नेताओं से गले मिलना, वास्तविक विदेश नीति की जगह ले रहे हैं।
गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी को बताया ‘मानसिक रूप से निराश’
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी को “मानसिक रूप से निराश” बताते हुए उनकी मां सोनिया गांधी से उन्हें मदद दिलाने की अपील तक कर दी। सिंह ने कहा कि राहुल गांधी का आचरण शालीनता की सभी सीमाएं पार कर चुका है और यदि सोनिया गांधी हस्तक्षेप नहीं करतीं तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी की भाषा पर सवाल उठाते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठे व्यक्ति से जिस गरिमा और जिम्मेदारी की अपेक्षा की जाती है, राहुल गांधी की भाषा उसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे नेता प्रतिपक्ष की जरूरत है जो “रचनात्मक विपक्ष” की भूमिका निभाए, न कि सोशल मीडिया पर मीम्स और रील्स के लिए सस्ती बयानबाजी करे।
‘सार्वजनिक विमर्श का नया निम्न स्तर’
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर मंच से किए गए मजाक को “बेहद शर्मनाक” बताया।
मजूमदार ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का इस तरह के मजाक पर हंसना सार्वजनिक विमर्श के स्तर में एक नई गिरावट को दर्शाता है। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की।
राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद BJP और कांग्रेस के बीच विदेश नीति, राजनीतिक भाषा और संवैधानिक पदों की गरिमा को लेकर एक नया सियासी विवाद खड़ा हो गया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस हमले का किस तरह जवाब देती है।
