होर्मुज में तनाव के बीच भारत के लिए राहत, 65 हजार टन उर्वरक लेकर सुरक्षित पहुंचा भारतीय जहाज

Relief for India amidst tensions in Hormuz: Indian ship arrives safely with 65,000 tonnes of fertilizer.चिरौरी न्यूज

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला मालवाहक जहाज ‘APJ प्रीती 2’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। यह वही इलाका है, जहां हाल के दिनों में व्यापारिक जहाजों पर हमलों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

इस जहाज के सुरक्षित निकलने से भारत के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इसमें करीब 65 हजार मीट्रिक टन उर्वरक लदा हुआ है, जिसकी खरीफ सीजन के दौरान देश में भारी जरूरत है।

किसानों के लिए राहत की खबर

सरकारी सूत्रों के अनुसार, APJ प्रीती 2 उन जहाजों की प्राथमिक सूची में शामिल था, जिन्हें सबसे पहले सुरक्षित बाहर निकालने की योजना बनाई गई थी। जहाज ने ईरान की ओर से निर्धारित समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करते हुए सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया।

खरीफ फसलों की बुआई शुरू होने के बीच इतनी बड़ी मात्रा में उर्वरक का भारत पहुंचना किसानों के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।

शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में कतर का तेल ले जा रहे एक टैंकर पर हमला हुआ था। एक सप्ताह के भीतर किसी व्यापारिक जहाज पर यह दूसरा हमला था। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के अनुसार, हमले में जहाज के ब्रिज को नुकसान पहुंचा, हालांकि चालक दल पूरी तरह सुरक्षित रहा और तेल रिसाव जैसी कोई घटना नहीं हुई।

इस घटना के बाद जॉइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने पूरे क्षेत्र में समुद्री खतरे का स्तर बढ़ाकर ‘सब्स्टैंशियल’ कर दिया है।

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव भी तेज हो गया है। तेल टैंकर पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की थी। वहीं रविवार को लगातार दूसरे दिन भी ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

शिपिंग महानिदेशालय (DGS) के मुताबिक, फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में 15 भारतीय हितों वाले जहाज अब भी मौजूद हैं। इनमें एक ऊर्जा कार्गो जहाज, चार उर्वरक ले जाने वाले जहाज और 10 अन्य मालवाहक पोत शामिल हैं।

सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर इन जहाजों को सुरक्षित निकालने की तैयारी कर रही है।

अब तक 44 जहाज पार कर चुके हैं होर्मुज

रिपोर्ट के अनुसार, अब तक भारत आने वाले 44 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इनमें 17 भारतीय ध्वज वाले और 27 विदेशी ध्वज वाले जहाज शामिल हैं। इन पोतों में कच्चे तेल के टैंकर, एलपीजी और एलएनजी कैरियर, बल्क कैरियर, कंटेनर शिप और अन्य मालवाहक जहाज शामिल हैं।

इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में करीब 80 समुद्री बारूदी सुरंगें (Sea Mines) बिछाई गई हो सकती हैं। अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के तहत इन्हें हटाने की जिम्मेदारी ईरान की है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितनी सुरंगें हटाई जा चुकी हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। ऐसे में यहां बढ़ता तनाव न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार बल्कि भारत की ऊर्जा और उर्वरक आपूर्ति पर भी सीधा असर डाल सकता है।

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