राहुल गांधी के पीएम आवास के पास प्रदर्शन पर विपक्ष में बढ़ी तकरार, AAP-कांग्रेस आमने-सामने; BJP ने साधा निशाना
चिरौरी न्यूज
नई दिल्ली: दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास के निकट कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विरोध प्रदर्शन के बाद विपक्षी दलों के बीच तीखी बयानबाज़ी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने कांग्रेस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ “मिलीभगत” का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने AAP के इन आरोपों की कड़ी आलोचना की है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच BJP भी विपक्षी दलों के मतभेदों को मुद्दा बनाकर कांग्रेस और AAP दोनों पर हमला बोल रही है।
राहुल गांधी को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने और हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद AAP नेताओं ने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री के सरकारी आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग, के पास हुए कांग्रेस के प्रदर्शन पर तत्काल कार्रवाई की, लेकिन जंतर-मंतर पर चल रहे अन्य आंदोलनों के प्रति वैसी तत्परता नहीं दिखाई।
AAP का दावा है कि जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन लंबे समय तक जारी रहे, लेकिन सरकार ने उनसे संवाद करने या उनकी मांगों पर ध्यान देने में कोई विशेष रुचि नहीं दिखाई। पार्टी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस के प्रदर्शन के मामले में सरकार का रवैया अलग रहा।
AAP सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के प्रदर्शन को इसलिए होने दिया ताकि CJP के आंदोलन का प्रभाव कम किया जा सके।
संजय सिंह के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आज़ाद ने नाराज़गी जताई। उन्होंने X पर लिखा, “आपसे ऐसी उम्मीद नहीं थी… आपने हमारी दोस्ती को शर्मसार कर दिया।”
वहीं कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने भी संजय सिंह पर निशाना साधते हुए लिखा, “आप क्यों भड़क रहे हैं? क्या यह ट्वीट मालवीय ने लिखा है या चड्ढा ने?” उनका इशारा BJP नेता अमित मालवीय और AAP सांसद राघव चड्ढा की ओर था।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता और AAP की वरिष्ठ नेता आतिशी ने भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सोनम वांगचुक और CJP के प्रतिनिधियों से उनके लगभग एक महीने लंबे आंदोलन के दौरान बातचीत नहीं की, जबकि राहुल गांधी के प्रदर्शन के एक घंटे के भीतर ही कांग्रेस नेताओं के साथ संवाद शुरू हो गया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और कांग्रेस सांसद के बीच प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुई मुलाकात का भी उल्लेख किया।
एक अन्य पोस्ट में आतिशी ने दावा किया कि जिस दिल्ली पुलिस ने CJP प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर “100 मीटर भी आगे नहीं बढ़ने दिया”, उसी पुलिस ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचने की अनुमति दी। उन्होंने इसे कांग्रेस और BJP के बीच “सांठगांठ” का संकेत बताया।
हालांकि, आतिशी के इन आरोपों की सोशल मीडिया पर भी आलोचना हुई। स्टैंड-अप कॉमेडियन और फिल्मकार वरुण ग्रोवर ने उनकी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “थोड़ी शर्म करो और इसे डिलीट कर दो।”
AAP के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने भी राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए धरने को “कांग्रेस और BJP की जुगलबंदी” करार देते हुए इसके पीछे राजनीतिक रणनीति होने का संकेत दिया।
इस बीच BJP आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने विपक्षी दलों के बीच जारी इस विवाद को लेकर कांग्रेस और AAP दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने X पर लिखा कि छात्रों के समर्थन में किए जा रहे विरोध प्रदर्शन “प्रायोजित” थे और उनका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना था। उन्होंने दावा किया कि किसी भी प्रभावित छात्र को मंच नहीं दिया गया और विपक्षी नेता केवल राजनीतिक प्रासंगिकता हासिल करने के लिए जंतर-मंतर आते-जाते रहे। मालवीय ने कहा कि अब कांग्रेस और AAP छात्रों के आंदोलन का श्रेय लेने के लिए एक-दूसरे से लड़ रही हैं, जबकि छात्रों के साथ केवल BJP खड़ी है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध से शुरू हुआ आंदोलन अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज़ हो गए हैं, जबकि BJP विपक्षी एकता में आई इस दरार को अपने राजनीतिक हमलों का आधार बना रही है।
